हमने हर संभव प्रयास किये, दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी की पेशकश भी की थी : सीए

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हमने हर संभव प्रयास किये, दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी की पेशकश भी की थी : सीए

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  • Publish Date - February 3, 2021 / 06:23 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:35 PM IST

मेलबर्न, तीन फरवरी (भाषा) क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी निक हॉकले ने कहा कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए वहां का दौरा स्थगित करने का फैसला करने से पहले सभी संभव विकल्पों पर विचार किया जिनमें श्रृंखला की मेजबानी करने की पेशकश भी शामिल थी।

सीए ने मंगलवार को कहा था कि उसे दक्षिण अफ्रीका में महामारी के कारण ‘स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों’ को देखते हुए अगले महीने के दौरे को स्थगित करने के लिये मजबूर होना पड़ा। इससे वह इस साल के आखिर में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से भी लगभग बाहर हो गया है।

क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) ने दौरा स्थगित होने पर बेहद निराशा व्यक्त की थी जिसके बाद हॉकले को स्पष्टीकरण देना पड़ा।

आस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार हॉकले ने कहा, ‘‘हमने श्रृंखला की मेजबानी करने की पेशकश की थी लेकिन क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने स्पष्ट कर दिया कि उसकी अन्य प्रतिबद्धताएं हैं और इसके अलावा पृथकवास का मसला है जिससे यह संभव नहीं है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम आगामी सप्ताहों और महीनों में इस पर काम करेंगे ताकि हम श्रृंखला का फिर से कार्यक्रम तय कर सकें। हमने मेजबानी का औपचारिक प्रस्ताव रखा था लेकिन क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी और हम उसका सम्मान करते हैं। ’’

हॉकले ने कहा कि वह दौरा स्थगित होने के परिणामों से अवगत थे लेकिन खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सर्वश्रेष्ठ हित में यह फैसला किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी नियमों के बारे में जानते थे और यही कारण था कि यह फैसला करना बेहद मुश्किल रहा। हमने दौरा जारी रखने के लिये हर संभव प्रयास किये लेकिन आखिर में हमने चिकित्सा दल की सलाह मानी। ’’

हॉकले ने कहा, ‘‘हमने खिलाड़ियों के संघ से लंबी बातचीत की। मैंने कोच से बात की। खिलाड़ी वास्तव में निराश हैं। वे क्रिकेट खेलना चाहते हैं। वे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में खेलना चाहते हैं। वे टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं। वे भारत के खिलाफ हाल की श्रृंखला के बाद फिर से मैदान पर उतरना चाहते हैं। ’’

भाषा पंत

पंत