विम्बलडन ग्रास कोर्ट की सुरक्षा में तैनात है ये बाज, सोशल मीडिया में 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स

विम्बलडन ग्रास कोर्ट की सुरक्षा में तैनात है ये बाज, सोशल मीडिया में 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स

विम्बलडन ग्रास कोर्ट की सुरक्षा में तैनात है ये बाज, सोशल मीडिया में 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: July 14, 2018 11:47 am IST

लंदन। इंग्लैंड में हर साल होनेवाले विम्बलडन ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट को निर्विघ्न आयोजित कराने में एक पक्षी की भी बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हां, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा लेकिन यह सच है। यह पक्षी रूफस नामक एक बाज, जो 10 साल से 42 एकड़ क्षेत्र में फैले विम्बलडन ग्रास कोर्ट की निगरानी करता आ रहा है। रुफस नामक इस बाज की सोशल मीडिया में भी इतनी लोकप्रियता है कि इसके 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स  हैं।

दरअसल पूरे गेम के दौरान कबूतर ग्रास कोर्ट को नुकसान न पहुंचा दें, इसलिए उनकी निगरानी के लिए रुफस को रखा गया है। इसके लिए उसने बकायदा स्पेशल ट्रेनिंग भी ली है। 16 हफ्ते की उम्र से वह विम्बलडन ग्रास कोर्ट में कबूतरों पर नजर बनाए रखे हुए है।

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बता दें रूफस अमेरिकी हैरिस प्रजाति का बाज़ है। ग्रास कोर्ट पर उसकी तैनाती विम्बलडन के आयोजक ऑल इंग्लैंड क्लब ने की है। उसके केयरटेकर का नाम इमोजेन डेविस है। इमोजेन के अनुसार रूफस रोज सुबह 5 से 9 बजे तक ग्रास कोर्ट में ड्यूटी करता है। उसकी ड्यूटी के दौरान 11 हजार सीटों की क्षमता वाले विम्बलडन ग्रास कोर्ट की ओर एक कबूतर भी पर नहीं मारता।

इमोजेन के अनुसार रुफस उनके एक सहकर्मी की तरह है। वह ग्रास कोर्ट की सफाई के दौरान रूफस कबूतरों को बगल के गोल्फ कोर्स में उड़ाने में हमारी मदद करता है। इमोजेस ने बताया कि कुछ साल पहले ऊपर एक छत बनाई गई ताकि बारिश के से मैच बाधित न हो। लेकिन इस छत के बनने के बाद रूफस की जिम्मेदारी और बढ़ गई क्योंकि उस छत के नीचे कबूतरों ने घर बना लिया और वे खाने की तलाश में कबूतर ग्रास कोर्ट की तरफ आ जाते थे इसलिए रूफस को कबूतरों की निगरानी के लिए रखा गया। 2016 के बाद रूफस की सहायता के लिए एक और बाज को ड्यूटी पर लगाया गया है

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रूफस पर भी उसके शरीर में लगे रेडियो ट्रांसमीटर के माध्यम से नजर रखी जाती है, ताकि उसके लोकेशन की जानकारी मिलती रहे।

वेब डेस्क, IBC24


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