विश्व चैंपियनशिप का अपने देश में आयोजित होना ऐतिहासिक पल है : सिंधू

विश्व चैंपियनशिप का अपने देश में आयोजित होना ऐतिहासिक पल है : सिंधू

विश्व चैंपियनशिप का अपने देश में आयोजित होना ऐतिहासिक पल है : सिंधू
Modified Date: June 28, 2026 / 07:05 pm IST
Published Date: June 28, 2026 7:05 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने नयी दिल्ली में होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप को भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक पल बताते हुए कहा कि अपने देश में इस खेल के सबसे बड़े खिताब के लिए मुकाबला करने का मौका इस टूर्नामेंट को और भी खास बना देगा।

भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने आधिकारिक तौर पर विश्व चैंपियनशिप के लिए 50 दिन की उल्टी गिनती शुरू कर दी है जिसका आयोजन 17 से 23 अगस्त तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होगा।

यह प्रतियोगिता 17 साल बाद भारत में वापसी करेगी और राष्ट्रीय राजधानी में पहली बार इसका आयोजन होगा।

सिंधू 2019 में बासेल में खिताब जीतकर भारत की एकमात्र विश्व चैंपियन बनी थीं।

सिंधू ने कहा, ‘‘विश्व चैंपियनशिप मेरे करियर के सबसे खास टूर्नामेंट में से एक रही है। मेरे कुछ सबसे यादगार पल, सबसे मुश्किल सबक और सबसे फक्र करने वाली उपलब्धियां इसी मंच पर मिली हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में अपने ही प्रशंसकों के सामने विश्व चैंपियनशिप में खेलने का मौका इसे और भी विशेष बनाता है। ऐसा मौका कम ही मिलता है जब आप घर पर विश्व खिताब के लिए मुकाबला कर सकें। मैं उस माहौल का अनुभव करने और उन सभी लोगों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक हूं जिन्होंने इतने वर्षों मेरा समर्थन किया है। ’’

तीस साल की सिंधू ने कहा कि इस टूर्नामेंट की मेजबानी देश में खेल के विकास को दर्शाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय बैडमिंटन के लिए 17 साल बाद विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी करना एक ऐतिहासिक पल है और यह दिखाता है कि हमारे देश में यह खेल कितनी दूर आ गया है। यह हम सभी के लिए गर्व का मौका है और मैं ऐसे टूर्नामेंट का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हूं, जिससे मुझे उम्मीद है कि और भी युवा खिलाड़ी बड़े सपने देखने और यह विश्वास करने के लिए प्रेरित होंगे कि वे विश्व स्तर पर सफल हो सकते हैं। ’’

बीएआई अध्यक्ष हिमंत बिस्वा सरमा ने विश्व चैंपियनशिप की वापसी को भारतीय बैडमिंटन के लिए एक निर्णायक पल बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत की बेहतरीन स्तर की प्रतियोगिता आयोजित करने की क्षमता में अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय के बढ़ते भरोसे को भी दिखाता है। ’’

इस चैंपियनशिप में 55 से ज्यादा देशों के खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है जिनमें लगभग 800 खिलाड़ी, टीम अधिकारी, सहयोगी स्टाफ, तकनीकी अधिकारी और मीडियाकर्मी शामिल होंगे।

मौजूदा ओलंपिक महिला एकल चैंपियन दक्षिण कोरिया की एन से-यंग, चीन के शी यू की, थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्ण और कई शीर्ष रैंकिंग वाली युगल जोड़ियों के भी इसमें हिस्सा लेने की उम्मीद है।

भाषा नमिता मोना

मोना


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