क्रोएशिया में आरामदायक स्थिति से बाहर निकलकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं झिंगन

क्रोएशिया में आरामदायक स्थिति से बाहर निकलकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं झिंगन

क्रोएशिया में आरामदायक स्थिति से बाहर निकलकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं झिंगन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:14 pm IST
Published Date: August 19, 2021 6:01 pm IST

नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) क्रोएशिया की शीर्ष लीग प्रवा एचएनएल में खेलने की तैयारियों में जुटे भारत के सेंटर बैक संदेश झिंगन का मानना है कि वह इस दौरान अपनी आरामदायक स्थिति से बाहर निकलकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे।

झिंगन एटीके मोहन बागान को छोड़कर अब क्रोएशियाई क्लब एचएनके साइबेनिक से जुड़ गये हैं। इस तरह से वह क्रोएशिया के शीर्ष लीग में खेलने वाले भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर बन जाएंगे।

झिंगन ने गुरुवार को वर्चुअल बातचीत के दौरान कहा, ‘‘इससे मेरा खेल बेहतर होगा। मैं वहीं अपनी सीमाओं का आकलन कर सकता हूं। मेरे लिये स्वयं को अच्छी तरह से तैयार रखने और पर्याप्त अनुशासित बने रहने की चुनौती है। इसके बाद मुझे देखना होगा कि मैं शुरुआती एकादश में जगह बना सकता हूं या नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी चुनौतीपूर्ण होगा लेकिन मुझे स्वयं पर भरोसा है, मुझे मेरे काम पर विश्वास है। मैं खेलूं या नहीं, ये हमेशा मेरे साथ रहेंगे।’’

इस सेंट्रल डिफेंडर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं अपने करियर के उस दौर में हूं जहां मैं वास्तव में जितना संभव हो सके उतने शीर्ष स्तर पर स्वयं का आकलन करना चाहता हूं और मुझे लगता है कि यह मेरे लिये बहुत अच्छा मंच है। यूरोप में खेलना मेरी व्यक्तिगत इच्छा थी और मैंने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। ’’

झिंगन को पिछले महीने भारत का वर्ष का फुटबॉलर घोषित किया गया था। वह क्रोएशिया पहुंच चुके हैं और उन्होंने रविवार को अपनी टीम का हरवात्स्की ड्रैगोवोलयाक के खिलाफ मैच भी देखा। इस मैच में उनकी टीम ने जीत दर्ज की थी।

झिंगन से पूछा गया कि क्या इस तरह के कदम से भारतीय सीनियर टीम को फायदा होगा, उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं स्वदेश लौटूंगा तो मुझे राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह वापस पाने के लिये प्रयास करने होंगे। उम्मीद है कि मैं राष्ट्रीय टीम के साथ भी अच्छा खेल खेलूंगा तथा राष्ट्रीय टीम को भी अपने एक खिलाड़ी की बेहतर फुटबॉल से फायदा होगा।’’

भाषा

पंत नमिता

नमिता


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