11 हजार निगम कर्मचारियों को मिली सातवें वेतनमान की सौगात

11 हजार निगम कर्मचारियों को मिली सातवें वेतनमान की सौगात

11 हजार निगम कर्मचारियों को मिली  सातवें  वेतनमान की सौगात
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: January 23, 2018 2:24 pm IST

नगरीय निकाय के कर्मचारियों को चुनावी साल में मंत्री अमर अग्रवाल ने बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश के 11 हजार निगम कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने का ऐलान किया है। अग्रवाल ने मंगलवार को दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरिम में नगरीय निकाय कर्मचारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘निकाय कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ मिलेगा, इससे सीधे तौर पर 11 हजार निकाय कर्मचारी लाभान्वित होंगे, इस वेतनमान का लाभ एक अप्रैल 2018 से कर्मियों को दिया जायेगा।

 

बता दें कि इस सम्मेलन मे प्रदेश भर के लगभग 2000 कर्मचारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय कर्मचारियों को भी राज्य सरकार के अन्य कर्मियों की तरह सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। एक अप्रैल 2018 से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। राज्य के 168 नगरीय निकायों में कार्यरत लगभग 11 हजार नियमित अधिकारी-कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा। सम्मेलन में रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे और सभापित श्री प्रफूल्ल विश्वकर्मा सहित पूरे राज्य से आए नगरीय निकायों के कर्मचारी- अधिकारी उपस्थित थे। सातवें वेतनमान की घोषणा से खुश होकर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल का विशाल पुष्पमाला से अभिनंदन किया।


मुख्य अतिथि की आसंदी से श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि पिछले चौदह सालों में राज्य के नगरीय निकायों के काम-काज में काफी सुधार आया है। नागरिकों की बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ कर्मचारी कल्याण से जुड़े काम भी काफी हुए हैं। पहली दफा बड़े पैमाने पर अधिकारी और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हुई। अनुकम्पा नियुक्तियों के लंबित प्रकरणों का भी बड़ी तेजी से निपटारा किया गया। सबसे महत्वपूर्ण यह कि नगरीय निकायों के सेट-अप बनाए गए। कर्मचारियों के पीएफ और सीएफ में पैसा  जमा कराया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में पूर्ण 14 साल के अवधि में से 11 साल मुझे नगरीय प्रशासन का दायित्व निभाने का मौका मिला है। नगरीय निकायों के काम-काज की अच्छी समझ विकसित हुई है। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2003 में नगरीय निकायों की माली हालत इतनी खराब थी कि कर्मचारियों को महीनों तक वेतन नहीं मिल पाते थे। लेकिन आज यह स्थिति नहीं है। राज्य सरकार की ओर से निकायों को विकास के लिए काफी उदारतापूर्वक सहयोग दी जा रही है। पहले निकायों को विकास के कामों के लिए अपनी ओर से 30 प्रतिशत लगाना होता था। इसका इंतजाम भी निकाय नहीं कर पाते थे। इसे देखते हुए राज्य सरकार अब विकास के कामों पर शतप्रतिशत अनुदान देती है। किसी भी निकाय में कामों की कमी नहीं है।

भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ के इस सम्मेलन को महापौर श्री प्रमोद दुबे और अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने भी सम्बोधित किए।  श्री प्रमोद दुबे ने बरसों बाद अधिकारी-कर्मचारियांे की पदोन्नति, सेट-अप और अनुकम्पा नियुक्ति के लिए मंत्री श्री अमर अग्रवाल को धन्यवाद दिया। उन्होंने निकाय के कर्मचारियों को एक सेवाभावी डॉक्टर की तरह काम करने की समझाईश दी। उन्होंने कहा कि बड़ी आशा लेकर निगम अथवा पालिका में लोग आते हैं। उनका काम हो अथवा ना हो, उनके साथ प्रेमपूर्वक बर्ताव किया जाना चाहिए। अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने नगरीय निकायों के माली हालत में सुधार लाने के लिए किए गए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ के सदस्य श्री अमरनाथ दुबे ने नगरीय निकाय के हजारों कर्मचारियों को वर्ष 2007 में नियमितीकरण करने सहित अन्य कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्वायतशासी कर्मचारी महासंघ नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री सीबी चौहान, कोषाध्यक्ष श्री महेन्द्र भारद्वाज, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष श्री जयनारायण चंद्राकर, महामंत्री श्री विष्णु चंद्राकर, भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री धर्मदास शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष श्री सत्येन्द्र दुबे, महामंत्री श्री नरेश सिंह चौहान, जिला मंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव, राज्य संगठन मंत्री श्री योगेशदत्त मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नगरीय निकायों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। 

WEB TEAM IBC24


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