छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन बैरियर मंगलवार की रात 12 बजे से बंद कर दिए गए हैं। यहां तैनात अमला अब RTO में अटैच किया जाएगा। सरकार के इस फैसले की जानकारी मंगलवार को परिवहन मंत्री राजेश मूणत और वित्त सचिव अमिताभ जैन ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। मंत्री राजेखश मूणत ने बताया कि एक देश, एक टैक्स और एक बाजार की सफलता के लिए बाधा रहित माल परिवहन व्यवस्था जरूरी है। इसलिए प्रदेश के बैरियर बंद किए गए हैं। अब तक सिर्फ ओडिशा में ही ये व्यवस्था थी। इस तरह ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला छत्तीसगढ़ अब देश का दूसरा राज्य बन गया है। अब तक 16 सीमा जांच चौकियों से परिवहन विभाग को सालाना करीब 100 करोड़ रुपए राजस्व मिलता था। वर्ष 2016-17 में विभाग को समन शुल्क के रूप में 5 करोड़ 70 लाख वाहनों से करीब सौ करोड़ रुपए का राजस्व मिला था। इसके अलावा प्रदेश में सेल्स टैक्स चौकियां एक अप्रैल 2011 को ही खत्म कर दी गई थीं। इन बैरियर से अवैध वसूली की भी शिकायतें मिल रही थी। हालांकि मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि बेरियर हटाने के बाद भी ओवरलोड गाड़ियों पर सख्ती बरती जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। वित्त सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि RTO के बैरियर बंद करने से जो नुकसान होगा उसकी भरपाई GST आने के बाद बढ़ने वाले व्यापार से हो जाएगी।