शिक्षाकर्मियों के बाद आदिवासियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

शिक्षाकर्मियों के बाद आदिवासियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा

शिक्षाकर्मियों के बाद आदिवासियों ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: December 10, 2017 6:29 am IST

गरियाबन्द जिले के हजारों ग्रामीण शासन कि अनदेखी से परेशान होकर 70 किलोमीटर कि पदयात्रा पर निकल पडे़ है। राजापड़ाव गौरगांव क्षेत्र में  सरकार की अनदेखी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इलाके के अड़गड़ी, शोभा, गोना, कुचेंगा, भुतबेड़ा, गौरगांव, गरहाडीह, कोकड़ी सहित आठ ग्राम पंचायतों व आश्रित ग्रामों के ग्रामिण सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पुल-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर आदिवासियों ने 70 किमी पदयात्रा शुरू की, जिसका समर्थन करने कांग्रेस महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी भी पहुंचे।

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जनपद सदस्य संजय नेताम के नेतृत्व में निकली पदयात्रा 70 मील का फासला तय कर 11 दिसंबर को जिला मुख्यालय गरियाबंद पहुंचेगी जहां विशाल जनसभा के बाद कलेक्टर को राजापड़ाव गौरगांव क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा जाएगा। शोभा से जिला मुख्यालय गरियाबंद तक 70 किमी की यह पदयात्रा तीन दिन में पूरी की जाएगी। इलाके के आठ ग्राम पंचायतों के आदिवासी ग्राम पंचायत शोभा में जुटे जहां से ये पदयात्रा प्रारम्भ हुई।


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