मुख्य सचिव ने वन अधिकार निगरानी समिति को दिए निर्देश, लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से हो निराकरण

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मुख्य सचिव ने वन अधिकार निगरानी समिति को दिए निर्देश, लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से हो निराकरण

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  • Publish Date - December 21, 2018 / 11:50 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:54 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अजय सिंह ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु गठित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की । जिसके तहत मुख्य सचिव ने प्रदेश में वन अधिकार पत्र के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने वन अधिकार पत्रों की मान्यता और सत्यापन की त्वरित कार्रवाई करने तथा सतत् रूप से इसकी प्रगति की मॉनीटरिंग करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

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इस बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अब तक प्रदेश में चार लाख 18 हजार 513 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र का वितरण किया गया है। इसके तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक प्रकरणों में 10 लाख 87 हजार 197 हेक्टेयर भूमि आबंटित हुई है। इसमें व्यक्तिगत प्रकरणों में तीन लाख 98 हजार 880 हितग्राहियों को तीन लाख 39 हजार 342 हेक्टेयर और 19 हजार 633 सामुदायिक प्रकरणों में सात लाख 47 हजार 854 हेक्टेयर भूमि का आबंटन शामिल हैं। इस तरह वन अधिकार पत्रों के वितरण में छत्तीसगढ़ राज्य पूरे देश में द्वितीय स्थान पर है। वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के अंतर्गत व्यक्तिगत वितरित भूमि की स्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। इसके तहत देश में सबसे अधिक छत्तीसगढ़ राज्य में आठ लाख 36 हजार 502 एकड़ भूमि का आबंटन हितग्राहियों को किया गया है।