4 सालों से बेकार पड़ा गेरवा घाट का पुल, 2013 में बनकर तैयार हुआ था पुल
4 सालों से बेकार पड़ा गेरवा घाट का पुल, 2013 में बनकर तैयार हुआ था पुल
पहले बना दिया गया 14 करोड़ 88 लाख की भारी भरकम लागत से बिना एप्रोच रोड़ का पुल और अब तैयारी है बिना एप्रोच के 19 करोड़ की लागत से सड़क बनाने की तैयारी जी हां ये अनोखा कारनामा किया जा रहा है कोरबा में जहा एक करीब 15 करोड़ की लागत वाले पुल से एक गाड़ी भी नहीं गुजरी और अब 19 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहे है कहा है ये पुल और क्यों नहीं हो रहा उपयोग
2013 में बनकर तैयार हुआ ये है कोरबा के हसदेव नदी पर बना ये गेरवा घाट का पुल. लेकिन 14 करोड़ की लागत से बने इस पुल से आजतक कोई गाड़ी नहीं गुजरी. वजह है. एप्रोच सड़क का न होना. यानि कि पुल से होकर गुजरने रास्ता ही नहीं है. हां रेत माफिया अवैध खनन कर इस पुल की नींव जरूर हिला रहे हैं.
हैरत की बात तो ये की भले ही इस पुल में एप्रोच सड़क ही नहीं है मगर इसके लिए 19 करोड़ की लागत से दर्री की ओर से पुल के एप्रोच सड़क तक के लिए सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और वो भी बिना एप्रोच सड़क के. जिसपर क्षेत्र के लोगो और पार्षद ने आपत्ति जताई है और इसे पैसो का दुरुपयोग बताया है.
इधर सेतु निगम विभाग का कहना है कि पुल का निर्माण उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने किया था जिसे कोरबा की ओर पुल पर 740 मीटर एप्रोच सड़क बनाना था मगर ठेकेदार ने 50 मीटर ही एप्रोच सड़क बनाया. वही दर्री की ओर जहा 140 मीटर एप्रोच सड़क बनाना था वहां महज 29 मीटर ही एप्रोच सड़क बनाया है जिससे पुल का उपयोग नहीं हो पा रहा है.
कोरबा से दर्री जाने गेरवा घाट का ये पुल बेहद अहम था जिसके बनने से लोगो को काफी उम्मीदें थी. ऐसे में अब यहाँ एप्रोच सड़क बनाने के बजाये एक तरफ पूरी सड़क बनाने की तैयारी है जो बिना एप्रोच सड़क के किसी के काम की नहीं होगी.

Facebook


