ताम्रध्वज का दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन, विरोधियों की उड़ी नींद, राज्य की सियासत में कद बढ़ने के आसार

ताम्रध्वज का दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन, विरोधियों की उड़ी नींद, राज्य की सियासत में कद बढ़ने के आसार

ताम्रध्वज का दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन, विरोधियों की उड़ी नींद, राज्य की सियासत में कद बढ़ने के आसार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: June 11, 2018 1:12 pm IST

रायपुर। कांग्रेस ने मिशन 2018 फतह के लिए पिछड़ों को साधने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग ने दिल्ली में बड़ा आयोजन किया, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी समेत देशभर के ओबीसी वर्ग के नेता जुटे। पार्टी नेताओं ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा गया। इस सम्मेलन की एक और खासियत रही। कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के इकलौते सांसद ताम्रध्वज साहू समाज के राष्ट्रीय चेहरे के रुप में उभरे हैं। उन्होंने दिल्ली में बड़ा कार्यक्रम करके अपना दमखम तो दिखाया, साथ ही वे छत्तीसगढ़ की सियासत में राहुल गांधी की पसंद के रूप में उभरे हैं। वो भी तब, जब छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव होने हैं, जिसमें पिछड़ा वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस वजह से राहुल को राज्य कांग्रेस की बागडोर थामने के लिए निर्विवाद चेहरे की तलाश है। लिहाजा, राजनीतिक प्रेक्षकों का अनुमान है कि ताम्रध्वज साहू राज्य के चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आ सकते हैं।

दिल्ली के ताल कटोरा मैदान में सोमवार को कांग्रेस ने ओबीसी के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस आयोजन का मकसद ओबीसी वोटर्स को साधना है। आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इन राज्यों में सरकार बनाने में ओबीसी वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। उन्होंने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में जो व्यक्ति काम करता है उसे रिवॉर्ड नहीं मिलता है।

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इस सम्मेलन पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं की भी खास नजर है। उसकी वजह यह भी है कि दुर्ग के सांसद ताम्रध्वज साहू के कांग्रेस ओबीसी वर्ग का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहला बड़ा आयोजन है। इस कार्यक्रम की सफलता-असफलता के आधार पर साहू की राज्य की सियासत में भूमिका भी तय होगी। क्योंकि पिछले कुछ जिस तरह से ताम्रध्वज साहू की दिल्ली में पूछ परख बढ़ी है और वे राहुल की भी पसंद के रुप में उभरे हैं। ऐसे में उनके विरोधियों की नींद उड़ी है। कांग्रेस छत्तीसगढ़ ओबीसी कार्ड खेल सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल भी पिछड़ा वर्ग से आते हैं, लेकिन जिस तरह बघेल कई मुद्दों को लेकर विवादों से घिरे रहे हैं। ऐसे में उन्हें कोई पिछड़ा वर्ग का नेता ही रिप्लेस कर सकता है। यही वजह है कि ताम्रध्वज साहू का नाम प्रमुखता से उभरा है। छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग में साहू समाज की बहुलता है। साहू समाज बीजेपी का बड़ा वोट बैंक है। ताम्रध्वज के जरिए कांग्रेस साहू वोटर्स पर भी डोरे डाल सकती है।

बता दें कि इस सम्मेलन में देशभर के ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हुए। इस सम्मेलन को कांग्रेस का ओबीसी वर्ग के वोटर्स को साथ लाने की कोशिश के रुप में भी देखा जा रहा है, जो उस से दूर हो चुका था।

वेब डेस्क, IBC24


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