जमीनी विवाद में चचेरे भाई और चाचा ने ले ली विकास की जान, हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंका, हत्या को अपहरण में बदलने की कोशिश

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जमीनी विवाद में चचेरे भाई और चाचा ने ले ली विकास की जान, हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंका, हत्या को अपहरण में बदलने की कोशिश

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  • Publish Date - August 18, 2019 / 07:13 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:58 PM IST

सतना। पुलिस ने 13 साल के मासूम की मौत का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस हत्या को सोची-समझी रणनीति के तहत अपहरण के मामले का रूप देने की नाकाम कोशिश की गई। चौका देने वाली बात यह कि यह पूरा घटनाक्रम को पारिवारिक जमीनी विवाद को लेकर सगे चचेरे भाई और चाचा ने ही रचा गया । पुलिस ने इस हत्याकांड में 2 मुख्य आरोपी बनाए हैं। इसके साथ दो अन्य आरोपी भी पुलिस ने बनाए हैं, जिन्होंने फर्जी सिम बेचने का काम किया था। इस सिम से मृतक विकास के नाम परिजनों से 10 लाख की फिरौती मांगी गई थी।

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बीते दिन 16 अगस्त को चोरहटा गांव से 13 वर्षी विकास प्रजापति अपने ही गांव से लापता हो गया। दिनभर ढूंढने के बाद जब विकास का कोई अता पता नहीं चला तो अगले दिन 17 तारीख को परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन कुछ घंटे बाद ही परिवार में 10 लाख की फिरौती का एक फोन आया, जिससे विकास के अपहरण की बात सामने आई।

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इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतक विकास के चचेरे भाई से सख्ती से पूछताछ की तो इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया। पुलिस के गिरफ्त में आया मृतक का चचेरा भाई तेज बली प्रजापति की निशानदेही पर जब पुलिस बंशीपुर स्थित एक पुराने किले में पहुंची तो पूरा मामला साफ हो गया। किले में स्थित एक गहरे कुएं में विकास का शव तैरता हुआ मिला। बच्चे का हाथ पैर बांधकर उसे कुएं में फेंक दिया गया था।

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बता दें आरोपियों ने विकास को घुमाने के बहाने बाइक पर बंशीपुर ले आए थे जहां उसके हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंक मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए अगले दिन परिवार से 10 लाख की फिरौती मांगी, ताकि इस घटना को अपहरण की घटना बनाकर पुलिस को गुमराह कर सकें। मिली जानकारी के अनुसार मृतक विकास के पिता और उनके चचेरे भाई के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे वक्त से विवाद चल रहा था। जिसे लेकर उसके सगे चाचा का परिवार इन्हें नुकसान पहुंचाना चाहता था।

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इसलिए इन्होंने इकलौते विकास को मारने के लिए यह कूट रचना रची गई और विकास को 16 तारीख की शाम मौत के घाट उतार दिया गया। सतना पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया है जो मोबाइल शॉप में सिम बेचने का काम करते हैं, जिन्होंने आरोपियों को फर्जी सिम बेची थी। इसी से फिरौती की मांग की गई थी। घटना का मुख्य आरोपी तेज बली प्रजापति को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरा आरोपी धनीलाल फरार बताया जा रहा है। सतना पुलिस ने विकास की बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं इस पूरे घटना क्रम के खुलासे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

दो मासूमों की हत्या