छत्तीसगढ़ में ई-वे बिल सिस्टम पर लगी 31 मई 2018 तक रोक

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छत्तीसगढ़ में ई-वे बिल सिस्टम पर लगी 31 मई 2018 तक रोक

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  • Publish Date - January 30, 2018 / 09:48 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:18 PM IST

पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ के व्यापारी बेहद असमंजस की स्थिति में थे ई-वे बिल सिस्टम को लेकर जिसे आज वाणिज्यिक कर विभाग ने साफ क्र दिया है जिसके तहत अब छत्तीसगढ़ में 1 फरवरी से ई-वे बिल सिस्टम लागू नहीं होगा. इस पर 31 मई 2018 तक रोक लगा दी गई है. 

आज वाणिज्यिक कर विभाग रायपुर ने ये आदेश जारी किया है.इसके पहले माल के अंतर्राज्यीय परिवहन पर 1 फरवरी 2018 से नई ई-वे बिल सिस्टम लागू करने का आदेश जारी किया गया था.आपको बता दें कि ई-वे बिल की व्यवस्था 16 जनवरी 2018 से उपलब्ध है और राज्य स्वैच्छिक आधार पर इसे जून से पहले अपना सकते हैं.

वहीं इंटरस्टेट  स्टेट ई-वे बिल 1 जून 2018 से लागू किया जाएगा.आपको बता दें कि ई-वे बिल शुरू करने का मकसद टैक्स चोरी रोकना है. 1 जून 2018 से ई-वे बिल अनिवार्य हो जाएगा. 10 किलोमीटर से बाहर माल जाने पर ही ये बिल लगेगा. ई-वे बिल में एच एस एन कोड के हिसाब से एंट्री करनी पड़ेगी. सभी एच एस एन कोड और उसका अलग अमाउंट भरना पड़ेगा.

जानें कितनी होगी वैधता

100 किमी से कम दूरी तक ई-वे बिल की वैधता एक दिन की होगी। 100 किमी से अधिक और 300 किमी से कम की दूरी के लिए 3 दिन, 300 किमी से अधिक और 500 किमी से कम दूरी तक के लिए 5 दिन की वैधता होगा। इसके अलावा 500 किमी से अधिक और 1000 किमी से कम दूरी के लिए 10 दिन तथा 1000 किमी से अधिक दूरी के लिए ई-वे बिल की वैधता 15 दिन होगी।

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 इस व्यवस्था के तहत कोई भी रजिस्टर्ड व्यक्ति ई-वे बिल के बिना 50,000 रुपए से अधिक का सामान कहीं ले नहीं जा सकेगा.ई-वे बिल एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक बिल है। ई-वे बिल के आधार पर ही जीएसटी अधिकारी ट्रांसपोर्ट किए गए माल की चेकिंग करेंगे। अगर माल पंजीकृत सप्लायर अपने ट्रांसपोर्ट वाहन से भेज रहे हैं तो उन्हें जीएसटी कॉमन पोर्टल पर जाकर माल रवाना करने से पहले ई-वे बिल जारी करना होगा। सप्लायर ई-वे बिल जारी नहीं करता है और माल ट्रांसपोर्टर को दे देता है तब इसे ट्रांसपोर्टर करेगा।

 

वेब टीम IBC24