दाम नहीं मिलने से परेशान किसान सड़कों पर फेंक रहे अपनी फसल
दाम नहीं मिलने से परेशान किसान सड़कों पर फेंक रहे अपनी फसल
दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के सैकडों किसान अपने खेतों में लगाए गए टमाटरों को फेंकने पर मजबूर हैं। वहीं जिले के कई किसान आज अपने खेतों से टमाटर तोड भी नहीं पा रहे है। टमाटरों के खरीददार नहीं होने से लगातार ऐसी स्थिति जिले में बनी हुई है। किसानों को अब अपने खेतों से टमाटरों को तुडवा पाना भी महंगा पड़ रहा है।
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जिस खेत में अपना पसीना बहाकर किसान फसल पैदा करता है वहीं किसान आज इतना मजबूर हो गया है कि अपनी ही फसल को वो फेंक रहा है और उसे सडते हुए देखने को मजबूर है। यह दर्दनाक वाक्या है दुर्ग जिले के धमधा विकास खंड का जहां के सैकडों किसान इन दिनों बेहद परेशान है। नतीजतन वे अपने खेतों में लगे टमाटरों को फेंक रहे हैं वही कुछ किसान खेतों से टमाटरों को तुडवा भी नहीं पा रहे हैं क्योंकि उन्हें तुडवाना भी बाजार में चल रही दरों से काफी अधिक है। जिले में ऐसे एक दो नहीं बल्कि दर्जनों गांवों की स्थिति यही है। वर्षो से किसान टमाटरों की खेती कर रहे हैं लेकिन लगातार दो सालों से स्थिति बेहद खराब है। एक ओर शासन प्रशासन पानी की कमी को देखते हुए रबी की फसल न लेने की अपील किसानों से कर रही है तो दूसरी ओर फसल चक्र परिवर्तन करके किसान फंस से गए है।
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जिले में करीब 10 हजार एकड में टमाटर की खेती की जाती है और जिले के यह टमाटर विदेशों में सप्लाई होते हैं लेकिन पिछले वर्ष से टमाटरों का विदेशों में जाना बंद हो गया है वहीं प्रदेशों में दीगर प्रदशों से टमाटरों की आवक हो रही है ऐसे में लोकल किसानों की कमर टूट गई हैं। आलम ये है कि किसान अपना लागत मूल्य तक नहंी निकाल पा रहे है। इधर किसान नेता सरकार के इस दोहर चरित्र से बेहद आक्रोशित हैं और वे जल्द से जल्द किसानों को राहत पहुॅचाने की मांग सरकार से कर रहे है। लम्बे समय से जिले में फूड प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की मांग की जा रही है। लेकिन अनेकों बार सरकार से मांग करने के बावजूद भी किसानों की मांग पूरी नहीं हो पाई है जिससे लाखों रूपयों का नुकसान किसानों को हो रहा है। बहरहाल जिले में टमाटरों की खेती करने वाले किसानों की स्थिति बेहद खराब है ऐसे में किसानों को राहत पहुॅचाने के लिए सरकार को जल्द ही इस ओर ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
वेब डेस्क, IBC24

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