फेल होता नज़र आ रहा सरकार का ‘भुइंया’ कार्यक्रम

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फेल होता नज़र आ रहा सरकार का 'भुइंया' कार्यक्रम

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  • Publish Date - August 29, 2017 / 05:27 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:49 PM IST

 

छत्तीसगढ़ शासन का भुइयां कार्यक्रम कोरबा में फेल होता नजर आ रहा है. किसानों को जल्द से जल्द दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए भुइयां कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी. जिसके तहत खसरों और जमीन के खातों का डिजिटलीकरण किया जाना है .पर अब तक इसका एक फीसदी कार्य भी पूरा नहीं हो सका है. हालत ये है कि 8 लाख 32 हजार 9 सौ 85 खसरों में से अभी केवल 395 खसरों का ही डिजिटलीकरण हो पाया है. वहीं 2 लाख 23 हजार 1 जमीन खातों में से मात्र 161 खातों  का ही डिजिटलीकरण हो पाया है. 

आंकड़े देख कर प्रशासनिक अधिकारियों को भी कुछ नहीं सूझ रहा है और जिम्मेदार बहानेबाजी करते नजर आ रहे हैं. दरअसल शासन की मंशा है किसान खसरा और जमीन खाते की नकल के लिए दफ्तरों के चक्कर ना काटे. किसानों को नकल ऑनलाईन मिल जाए. इसके लिए भुंइयां कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी. पर ये योजना कोरबा में दम तोड़ती नजर आ रही हैं. हम आपको  कुछ आंकड़े दिखा रहे हैं. इसके बाद आप समझ सकते हैं. किसानों के लिए अहम इस कार्यक्रम तो अधिकारी. पटवारी राजस्व निरीक्षक किस कदर पलीता लगा रहे हैं.