Chhattisgarh Shoe Procurement Tender: छत्तीसगढ़ में ‘जूता खरीद के टेंडर’ पर सियासत.. हाईकोर्ट ने किया रद्द तो कांग्रेस हुई हमलावर, मनचाही कंपनी को फायदा पहुंचाने समेत लगाए ये आरोप

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Chhattisgarh Shoe Procurement Tender: तेंदूपत्ता संग्राहकों के जूता टेंडर पर विवाद, हाईकोर्ट ने निविदा रद्द की, कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आए।

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 11:19 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 11:20 PM IST

Chhattisgarh Shoe Procurement Tender | Image- AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • तेंदूपत्ता जूता टेंडर पर सियासी विवाद तेज।
  • हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया रद्द की।
  • कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए जूते खरीदी के टेंडर को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। (Chhattisgarh Shoe Procurement Tender) राज्य सरकार की इस योजना पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं और टेंडर प्रक्रिया में नियमों में बदलाव कर मनचाही कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। वहीं इस मामले में हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए टेंडर को रद्द कर दिया है, जिसके बाद विवाद और गहरा गया है।

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कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए आरोप

राज्य सरकार ने इस वर्ष करीब 12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते वितरित करने का फैसला लिया था। इसके लिए लगभग 50 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का आरोप है कि सबसे कम दर देने वाली कंपनी को टेंडर नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि एक वरिष्ठ भाजपा नेता के रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया और सामान्य जूतों के स्थान पर ‘सेफ्टी शू’ की अनिवार्यता जोड़ दी गई।

दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में भी तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका वितरण योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने चरण पादुका की जगह हितग्राहियों को सीधे नगद राशि देने का निर्णय लिया था। (Chhattisgarh Shoe Procurement Tender) उनका आरोप है कि भाजपा सरकार फिर से कमीशनखोरी के उद्देश्य से जूता वितरण योजना लेकर आई है। उन्होंने टेंडर रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठा रही थी। बैज ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष लगभग 35 करोड़ रुपये की चरण पादुका खरीदी में भी अनियमितताएं हुई थीं।

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सीएम साय ने किया बचाव

वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों तक यह योजना बंद रखी थी, जबकि भाजपा सरकार बनने के बाद इसे दोबारा शुरू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार हर वर्ष चरण पादुका उपलब्ध कराएगी और योजना लगातार जारी रहेगी।

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Q1. विवाद किस योजना को लेकर है?

उत्तर: तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते वितरण के लिए जारी करीब 50 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर।

Q2. कांग्रेस ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?

उत्तर: टेंडर नियम बदलकर एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने और अनियमितता के आरोप लगाए हैं।

Q3. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने आरोप खारिज करते हुए कहा कि सरकार संग्राहकों को हर वर्ष चरण पादुका उपलब्ध कराएगी।