जनता मांगे हिसाब: पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र की जनता ने मांगा हिसाब

जनता मांगे हिसाब: पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र की जनता ने मांगा हिसाब

जनता मांगे हिसाब: पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र की जनता ने मांगा हिसाब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: May 4, 2018 3:20 pm IST

जनता मांगे हिसाब की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की पाली-तानाखार विधानसभा सीट से…ये वो सीट है जहां बीजेपी और कांग्रेस को कड़ी टक्कर देती है गोंडवाना गणतंत्र पार्टी… वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है… जहां से रामदयाल उइके विधायक हैं..एक नजर डालते हैं पाली-तानाखार विधानसभा की प्रोफाइल पर

पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति

कोरबा जिले में आती है विधानसभा सीट

3 जिलों की सीमाओं को छूता है क्षेत्र

आदिवासी वर्ग के लिए ही आरक्षित है सीट

जनसंख्या-  करीब 2 लाख 63 हजार 23 

आदिवासी बाहुल्य इलाका 

कंवर, बिंझवार, मांझी, नगेसिया, तंवर समेत कई जातियां 

केंदई जलप्रपात के लिए प्रसिद्ध

फिलहाल सीट पर कांग्रेस का कब्जा

कांग्रेस के रामदयाल उइके हैं वर्तमान विधायक

पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र की सियासत

अब बात पाली-तानाखार विधानसभा की सियासी बिसात की…इस सीट पर बीते तीन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी जीत का परचम लहराती आ रही है…चुनावी मैदान में कांग्रेस और गोंणवाना गणतंत्र पार्टी ही आमने-सामने रही है..जबकि बीजेपी तीसरे नंबर पर…इस बार भी वर्तमान कांग्रेस विधायक रामदयाल उइके चुनावी समर में उतर सकते हैं… जबकि गोंणवाना गणतंत्र पार्टी की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरा सिंह मरकाम मैदान में हो सकते हैं…लेकिन बीजेपी किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो कांग्रेस के इस गढ़ में सेंध लगा सके

पाली तानाखार विधानसभा सीट वैसे तो कोरबा जिले में आती है..लेकिन ये  बिलासपुर, सूरजपुर और कोरिया जिले की सरहद को भी छूता है….जितनी दिलचस्प इसकी भौगोलिक स्थिति है..उतनी ही यहां की राजनीति…दरअसल पिछले 15 सालों से प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा यहां कांग्रेस को हराने में असफल रही है… 2013 के चुनाव में तो वो यहां तीसरे नंबर पर रही थी.. पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस के रामदयाल उइके ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रत्याशी को करीब 19 हजार वोट से शिकस्त दी थी.

जबकि भाजपा से वोटों का अंतर करीब 35 हजार था… ऐसे में आगामी चुनाव में  भाजपा के लिए यहां जीत  हासिल करना इतना आसाना नहीं रहेगा…हालांकि कांग्रेस के इस किले में सेंध लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन टिकट के लिए आधा दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार पार्टी में गुटबाजी को बढ़ावा दे सकता है। भाजपा के संभावित दावेदारों की बात करें तो पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे श्यामलाल मरावी टिकट की दौड़ में सबसे आगे हैं..इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष देवी सिंह टेकाम और सरपंच रघुराज सिंह भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं..वहीं पोंडी जनपद की अध्यक्ष किरण मरकाम,  कौशल सिंह राज, डॉक्टर पवन सिंह, धनेश्वरी सेन्द्राम और वीरेंद्र मरकाम सहित कई नेता टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं 

वहीं कांग्रेस की ओर से वर्तमान विधायक और हैट्रिक लगा चुके रामदयाल उइके का टिकट फाइनल माना जा रहा है..जबकि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरा सिंह मरकाम ने चुनाव लड़ने की घोषणा की है.. मगर जोगी कांग्रेस के मैदान में होने के कारण यहां बड़ा उलटफेर देखा जा सकता है।   हालांकि हर पार्टी अपने आप को बेहतर बताते हुए हर परिस्थिति का फायदा अपने अपने को मिलना बता रही है मगर देखना होगा कि क्षेत्र की जनता किस पर अपना विश्वास जताती है..।

पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे

चुनाव आते हैं..वादे होते हैं लेकिन पाली-तानाखार की तस्वीर है की बदलती नहीं…आज भी क्षेत्र की जनता मूलभूत सुविधाओं को तरस रही है इस इलाके में शिक्षा और स्वास्थ्य की कमी तो है ही साथ ही साथ पेयजल भी इतनी बड़ी समस्या है कि कई गांव में फ्लोराइड के कारण लोग दिव्यांग हो चुके हैं इधर प्रदेश का सबसे बड़ा बांध होने के बाद भी किसानों को एक बूंद पानी नसीब नहीं  ।

केंदई जलप्रपात और चैतुरगढ़ के प्राचीन मंदिरों के लिए प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाले पाली तानाखार.. कोरबा जिले की सबसे पिछड़े इलाकों में शामिल है। आज तक यहां न तो कोई बड़े उद्योग स्थापित हो सके हैं और ना ही युवाओं के लिए बेहतर विकल्प मौजूद हैं… इलाके में लोग पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओँ की बात करें तो एक प्राथमिक और एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भरोसे ग्रामीण अपना इलाज कराने को मजबूर हैं…जहां डॉक्टरों की कमी भी एक समस्या है। 

पाली तानाखार में फुलसर जैसे दर्जनों गांव हैं जहां हैंड पंप फ्लोराइड उगल रहे हैं..जिसे पीकर सैकड़ों ग्रामीण विकलांग हो चुके हैं। मगर इसके निराकरण के लिए अब तक कोई बड़ी पहल नहीं की गई है… शिक्षा सुविधाओं की बात करें इलाके का एकमात्र कॉलेज पाली में स्थित है जहां न तो विषयवार शिक्षक मौजूद हैं और ना ही सभी विषयों की पढ़ाई ही हो पाती है। इसके अलावा कई इलाकों में आज भी सड़क नहीं पहुंच सकी है..सिंचाई का रकबा भी लगातार कम हो रहा है..वो भी तब जब जिले में हसदेव मिनीमात बांगो बांध मौजूद है।  बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है.. पाली तानाखार में कांग्रेस विधायक रामदयाल उईके क्षेत्र में जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं .. मगर कोई ऐसी बड़ी उपलब्धि नहीं है जिससे ये माना जाए कि उन्होंने क्षेत्र की जनता को बड़ी सौगात दी है.. 

कुल मिलाकर पाली तानाखार में मुद्दों की कोई कमी नहीं है ..और आने वाले चुनाव में क्षेत्र की जनता वोट देने से पहले इनका ध्यान जरूर रखेगी।

 

वेब डेस्क, IBC24

 


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