जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में पथरिया की जनता ने मांगा हिसाब
जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में पथरिया की जनता ने मांगा हिसाब
अब बात दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट की…सबसे पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर…
पथरिया विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति
दमोह जिले में आती है विधानसभा सीट
कुल मतदाता- 2 लाख 13 हजार 276
पुरुष मतदाता-1 लाख 13 हजार
महिला मतदाता-1 लाख 271
दमोह और सागर जिले के इलाके हैं शामिल
हटा,बंडा और देवरी पथरिया विस के अंदर
15 साल से विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा
वर्तमान बीजेपी विधायक हैं लखन पटेल
सुनार,जुड़ी और कोपरा प्रमुख नदियां
सीमेंट और सोयाबीन प्लांट भी है पहचान
पथरिया विधानसभा क्षेत्र की सियासत
पथरिया विधानसभा सीट में वैसे तो सीधा मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस में होता है लेकिन बीएसपी और अन्य दल भी चुनावी मैदान में ताल ठोकते नजर आते हैं उसी तैयारी में अब दिखाई देने लगे हैं सियासी दल..अब चुनाव नजदीक हैं तो विधायक की टिकट के दावेदार भी सामने आने लगे हैं ।
विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु होते ही पथरिया में विधायक की टिकट की रेस भी शुरू हो गई है…बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों में टिकट की दौड़ में एक नहीं कई नेता दौड़ते दिखाई दे रहे हैं…बात बीजेपी की करें तो वर्तमान विधायक लखन पटेल प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं..जोकि वित्त मंत्री जयंत मलैया के करीबी माने जाते हैं.. तो वहीं रामकृष्ण कुसमरिया भी तगड़े दावेदारों में से एक हैं..कुसमरिया पथरिया विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके हैं…बीजेपी में दावेदारों में से एक नाम हैं राजेंद्र गुरु जोकि जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष हैं..और टिकट की दावेदारी ठोक रहे हैं…इसके साथ ही शिवचरण पटेल, पूर्व विधायक सोना बाई के नाम भी दावेदारों में से एक हैं…अब बात कांग्रेस की करें तो यहां भी दावेदारों की लिस्ट कम लंबी नहीं है..कांग्रेस में सबसे प्रबल दावेदारों में एक हैं अनुरागवर्धन सिंह हजारी जो विधानसभा में बेहद सक्रिय दिखाई दे रहे हैं…इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य राव ब्रिजेंद्र सिंह भी टिकट के दावेदार हैं..ये वो नाम हैं जो कांग्रेस में टिकट के प्रबल दावेदार हैं इसके अलावा लक्ष्णण सिंह,राजेश तिवारी,मनीषा दुबे भी टिकट की दौड़ में हैं ।
पथरिया विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे
बुंदेलखंड के बाकी इलाकों की तरह ही पथरिया विधानसभा का भी हाल है। बेरोजगारी और पिछड़ापन हर तरफ दिखाई देता है…हालत ये की बुनियादी सुविधाओं तक से कोसों दूर हैं पथरिया ।
सोयाबीन प्लांट..सीमेंट फैक्ट्री लेकिन फिर भी बेरोजगारी कुछ ऐसी हालत है पथरिया विधानसभा की…कहने को तो उद्योग धंधे हैं लेकिन फिर भी स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है…नतीजा लगातार पलायन कर रहे हैं लोग… सुनार जुड़ी और कोपरा जैसी कई नदियां होने बाद भी हर तरफ जलसंकट के हालात हैं…लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते दिखाई देते हैं..इसके अलावा नदियों का सीना छलनी कर अवैध उत्खनन भी जारी है… स्वास्थ्य सुविधाएं भी पथरिया में बदहाल नजर आती हैं…स्वास्थ्य के साथ स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में भी फिसड्डी है पथरिया विधानसभा…आज भी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं हीं उच्च शिक्षा के लिए युवा बड़े शहर जाने को मजबूर हैं…शिक्षा स्वास्थ्य के साथ सड़कों की हालत खराब है..आज भी ऐसे कई गांव हैं जहां रोड कनेक्टिविटी है ही नहीं…इन सबके बीच इलाके में किसान भी परेशान है…किसानों के लिए सरकारी योजनाएं तो जरुर बनीं लेकिन वो योजनाएं सरकारी कागजों से बाहर निकली ही नहीं…इसके साथ ही भारी भरकम बिजली बिल को लेकर भी किसान आक्रोशित नजर आते हैं । ये वो समस्याएं हैं जिनसे जूझ रही है पथरिया विधानसभा की जनता ।
वेब डेस्क, IBC24

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