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इंदौर: देश के सबसे साफ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैली बीमारी के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए 65 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे पिछले 25 दिनों से वेंटिलेटर पर थे। इस मौत के साथ ही क्षेत्र में इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
फिलहाल इस मामले से जुड़े चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। एक मरीज वेंटिलेटर पर है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब क्षेत्र में डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों के नए मामलों में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्थिति पहले से काफी नियंत्रित है, लेकिन पूरी तरह खतरा टला नहीं है।
इस हादसे में अब तक 450 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। दूषित पानी की आपूर्ति के कारण बड़ी संख्या में लोग डायरिया, उल्टी-दस्त और संक्रमण की चपेट में आए थे। इससे पहले इलाज के दौरान हेमंत गायकवाड़ की मौत हो गई थी। अब उनकी 82 वर्षीय मां सुशीलाबाई की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। उन्हें शुक्रवार को सरकारी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार वे किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
लगातार हो रही मौतों और बीमारियों के बाद प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। इसी बीच शहर की ड्रेनेज और पेयजल व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। गुरुवार को सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में आयोजित जिला विकास एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इंदौर शहर की सभी नई और पुरानी ड्रेनेज तथा पेयजल लाइनों की जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) के माध्यम से मैपिंग की जाएगी।
इस जीआईएस मैपिंग का उद्देश्य भविष्य में ड्रेनेज और पेयजल लाइनों के आपसी मिश्रण को पूरी तरह रोकना है। बैठक में बताया गया कि कई जगहों पर दोनों लाइनें समानांतर चल रही हैं, जिससे लीकेज की स्थिति में गंदा पानी पेयजल में मिल जाता है। तकनीकी रूप से सुदृढ़ मॉनीटरिंग सिस्टम लागू कर इन खामियों की पहचान की जाएगी और समय रहते सुधार किया जाएगा।
दूषित पानी पीने से 31 लोगों की मौत हो गई है। MGM मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। स्वास्थ्य विभाग को मिली रिपोर्ट में भी दूषित पानी की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि जिन लोगों की मौत हुई, वे सभी लंबे समय से उसी पानी का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं, कई नागरिकों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।