बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ा पत्थलगांव

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बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ा पत्थलगांव

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  • Publish Date - June 30, 2018 / 11:24 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:55 PM IST

जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की पत्थलगांव विधानसभा से..सियासी बिसात और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर।

जशपुर जिले में आती है विधानसभा सीट

टमाटर उत्पादन के लिए मशहूर

2 नगर पंचायत और 2 जनपद पंचायत विधानसभा में शामिल

कुल मतदाता-2 लाख 10 हजार 498

पुरुष मतदाता-1 लाख 6 हजार 437

महिला मतदाता-1 लाख 4 हजार 61

करीब 60 फीसदी आदिवासी मतदाता

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

देखें वीडियो-

सियासत

पत्थलगांव विधानसभा ज्यादातर कांग्रेस के कब्जे में रही है..इसी सीट से कांग्रेस के रामपुकार सिंह 7 बार विधायक चुने गए..लेकिन बीते चुनाव में कांग्रेस के इस किले को बीजेपी ने ढहा दिया…अब चुनाव नजदीक हैं तो चुनावी रंग में रंगने लगा है पत्थलगांव ।

पत्थलगांव विधानसभा मानी तो जाती है कांग्रेस का गढ़ लेकिन वर्तमान में बीजेपी के कब्जे में है ये सीट..बीते चुनाव में बीजेपी के शिवशंकर पैकरा ने कांग्रेस के दिग्गज नेता रामपुकार सिंह को शिकस्त दी थी…अब चुनाव की उल्टी गिनती शुरु होते ही चुनावी बिसात भी बिछना शुरु हो गई है..बीजेपी और कांग्रेस के साथ JCCJ भी जीत की रणनीतियां बनाने में जुट गई है…इसके साथ ही विधायक की टिकट के लिए दावेदारी भी शुरु हो गई है…बात बीजेपी की करें तो सबसे प्रबल दावेदार हैं वर्तमान विधायक शिवशंकर पैकरा..तो वहीं रोशन प्रताप सिंह और सालिक साय भी दावेदार हैं..अब बात कांग्रेस की करें तो दावेदारों में सबसे पहला नाम है रामपुकार सिंह का..जो की 7 बार विधायक रह चुके हैं…इसके अलावा रतना पैकरा और भुनेश्वर साय भी दावेदार हैं…पत्थलगांव के चुनावी समर में अब तक बीजेपी और कांग्रेस में ही मुकाबला होता आया है लेकिन इस बार मैदान में JCCJ भी होगी ।

मुद्दे

पत्थलगांव में विकास की रफ्तार क्या है इसका अंदाजा इस बात से लग जाता है कि बिजली,पानी और सड़क तक के लिए तरस रही है जनता…शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर भी फेल है पत्थलगांव..

पत्थलगांव हर तरफ समस्याओं से घिरा नजर आता है और विकास से कोसो दूर..स्कूली शिक्षा की हालत ये है कि कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां 1 या 2 छात्र को पढ़ाने के लिए दो-दो शिक्षकों की नियुक्ति कि गई है…पालीडीह के स्कूल में तो केवल एक ही छात्रा अध्ययनरत है..उच्च शिक्षा भी बदहाल है क्योंकि उच्च शिक्षण संस्थान हैं ही नहीं..शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं…अस्पताल आज भी संसाधन और डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं… फरसाबहार ब्लॉक के कई ऐसे गांव हैं जहां अब तक बिजली नहीं पहुंच सकी है…अगर जहां पहुंची भी है तो बिजली कटौती से लोग परेशान हैं…इसके अलावा गर्मियों में पेयजल संकट से भी दो-चार होती है जनता…पत्थलगांव में सड़कें भी बदहाल हैं..टमाटर के लिए मशहूर इस विधानसभा में किसान भी परेशान हैं…हालत ये है कि लागत मूल्य तक के लिए तरस रहा है किसान।

 

वेब डेस्क, IBC24