जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की अंतागढ़ विधानसभा से..सियासी बिसात और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर।
कांकेर जिले में आती है विधानसभा सीट
कुल मतदाता-1 लाख 61 हजार
पुरुष मतदाता-83 हजार 613
महिला मतदाता-78 हजार 281
वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा
भोजराज नाग हैं बीजेपी विधायक
सियासत-
बीजेपी के इस कब्जे वाली विधानसभा सीट को कांग्रेस हथियाने की कोशिश में जुट गई है…लेकिन ये इतना आसान नहीं होगा..वहीं बीजेपी इस बार भी जीत की जुगत में भिड़ गई है।
अंतागढ़ में बीता विधानसभा उपचुनाव पूरे प्रदेश में सुर्खियों में रहा.. इसी चुनाव में कांग्रेस के मंतूराम पवार ने एन समय पर अपना नाम वापस लेकर सियासी भूचाल ला दिया था.. इस उपचुनाव में बीजेपी के भोजराज नाग ने जीत दर्ज की…2013 में हुए विधानसभा चुनाव में अंतागढ़ विधानसभा सीट से विक्रम उसेंडी विजयी हुए थे, लेकिन उसेंडी ने लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद चुने गए और अंतागढ़ सीट खाली हो गई थी…जिसके बाद उपचुनाव हुआ और बीजेपी ने जीत का परचम लहराया…अब एक बार फिर बीजेपी जीत की पताका लहराने की कोशिश में है…जीत-हार के इन समीकरणों के बीच टिकट की दावेदारी भी शुरु हो गई है…बात बीजेपी की करें तो वर्तमान विधायक भोजराज नाग सबसे प्रबल दावेदार हैं इसके अलावा सांसद विक्रम उसेंडी भी दावेदार माने जा रहे हैं…बात कांग्रेस की करें तो क्रांति नाग और विश्राम गावड़े का नाम सबसे आगे हैं..तो वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष सुभद्रा सलाम भी दावेदार हैं ।
मुद्दे-
सियासी उठापटक तो दिखाई देती है अंतागढ़ में लेकिन विकास दिखाई नहीं देता…ग्रामीण इलाकों में स्थिति ये है कि बुनियादी सुविधाओं तक के लिए तरस रहे हैं लोग । अंतागढ़ विधानसभा में विकास का पहिया थमा नजर आता है..कहने को तो अस्पताल हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते मरीज बड़े शहर जाने को मजबूर हैं..ग्रामीण इलाकों में तो इलाज के अभाव में मरीज दम तक तोड़ देते हैं…यही हाल शिक्षा का है स्कूलों में शिक्षकों की कमी है..तो उच्च शिक्षण संस्थान के इंतजार में है विधानसभा।
अंतागढ़ में सड़कें भी बदहाल हैं…कई गांव तो ऐसे हैं जहां रोड कनेक्टिविटी है ही नहीं..पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं लोग..ग्रामीण इलाकों में झरिया का पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण..इन सब समस्याओं के बीच किसान भी संकटों से घिरा नजर आता है…कहने को तो कृषि उपज मंडी है लेकिन उद्घाटन अब तक नहीं हुआ…नतीजा किसानों को उपज का सही दाम मिल नहीं पा रहा है… सिंचाई के भी पर्याप्त साधन नहीं है…इसके अलावा विधानसभा में बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है..क्योंकि रोजगार के साधन हैं नहीं..नतीजा रोजगार की तालाश में पलायन कर रहे हैं लोग ।
वेब डेस्क, IBC24