अब बात मध्यप्रदेश की कोलारस विधानसभा की…सियासी समीकरण और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर
शिवपुरी जिले में आती है विधानसभा सीट
कुल मतदाता-2 लाख 45 हजार 796
पुरुष मतदाता- 1 लाख 31 हजार 307
महिला मतदाता-1 लाख 14 हजार 789
वर्तमान में विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा
महेंद्र सिंह यादव हैं कांग्रेस विधायक
सियासत-
कोलारस में एक बार फिर चुनावी कोलाहल सुनाई देने लगा है..क्योंकि चुनाव का काउंटडाउन शुरु हो गया है..इसके साथ ही विधायक की टिकट के दावेदार भी ताल ठोकते नजर आ रहे हैं ।
बीते चुनाव में कांग्रेस के राम सिंह यादव ने बीजेपी के देवेंद्र जैन को शिकस्त दी…लेकिन राम सिंह यादव के निधन के बाद 2018 में ही उपचुनाव हुआ जिसमें कांग्रेस के महेंद्र सिंह यादव ने बीजेपी के देवेंद्र जैन को हराकर जीत का परचम लहराया…इस उपचुनाव में जहां मुख्यमंत्री समेत बीजेपी के दिग्गज नेता मैदान में उतरे थे.. वहीं कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमान संभाली थी…आखिर में जीत कांग्रेस को मिली..अब एक बार फिर चुनावी समर की तैयारियां कोलारस में दिखाई देने लगी हैं..इसके साथ ही विधायक की टिकट के दावेदार भी सक्रिय नजर आने लगे हैं..बात कांग्रेस की करें तो वर्तमान विधायक महेंद्र सिंह यादव प्रबल दावेदार हैं…तो वहीं जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव और बदरवास जनपद पंयायत की अध्यक्ष मुनिया यादव भी दावेदार हैं…इसके अलावा कोलारस नगर पंचायत अध्यक्ष रविंद्र शिवहरे भी टिकट की दौड़ में हैं..बात बीजेपी की करें तो पूर्व विधायक देवेंद्र जैन और पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी का नाम सबसे आगे है..इसके अलावा रामस्वरूप रिझारी का नाम भी दावेदारों में शामिल है ।
मुद्दे-
कोलारस विधानसभा में समस्याओं का अंबार है…बिजली,पानी और सड़क तक के इंतजार में हैं कई गांव ।शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं । सियासी दौड़ में सबसे आगे लेकिन विकास की दौड़ में पीछे यही हाल है कोलारस विधानसभा का..बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है..उद्योग-धंधे हैं नहीं…नतीजा रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं लोग…स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं..कोलारस में महिला डॉक्टर की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है…अस्पतालों में जरुरी संसाधन भी नहीं हैं..ऐसे में मरीज जिला मुख्यालय जाने को मजबूर हैं..स्कूली और उच्च शिक्षा की भी स्थिति ठीक नहीं है.. उच्च शिक्षा के लिए महज एक महाविद्यालय है वो भी सिर्फ नाम के लिए…उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी के चलते छात्र बड़े शहरों का रुख कर रहे हैं..विधानसभा में पेयजल संकट भी एक बड़ी समस्या है…ना पीने के लिए पानी है और ना सिंचाई के लिए…सड़कों की भी हालत खराब है..कई गांवों में अब तक रोड कनेक्टिविटी नहीं है…इसके अलावा बिजली कटौती से भी लोग परेशान हैं..इन सब समस्याओं के बीच कोलारस में बस स्टैंड की मांग सालों से की जाती रही है लेकिन हुआ कुछ नहीं ।
वेब डेस्क, IBC24