भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बाद अब गुना से कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को विकास कार्यों को लेकर खुली बहस की चुनौती दी है। सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो अपने 8 साल के मंत्री कार्यकाल और 16 साल के सांसद कार्यकाल के मामले में सीएम शिवराज के 14 सालों के कार्यकाल की तुलना के लिए खुली बहस को तैयार हैं।
गुना में स्थानीय सांसद होने के नाते एनएच शिलान्यास कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने पर सिंधिया ने कहा की बीजेपी दोगली जुबान के लिए माहिर है। सिंधिया ने पीएम मोदी और सीएम शिवराज की तरफ इशारा करते हुए कहा कि एक दिल्ली में बैठे हैं और दूसरे एमपी में बैठे हैं। दोनों ही ये चाहते हैं कि सिर्फ उन्हीं की बात सुनी जाए औऱ किसी की नहीं।
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बीजेपी नेताओं के रवैये औऱ बयानबाज़ी पर सिंधिया का कहना है कि एमपी में कई नेताओं का दिल और दिमाग बहुत छोटा है। सीएम शिवराज के राजा महाराजा वाले बयान पर सिंधिया ने पलटवार करते हुए कहा कि शिवराज तय कर लें कि हम राजा महाराजा है या नहीं। उन्होंने सीएम को कन्फ्यूज़ हैं। मेरा नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया मेरे काम से मुझे जाना जाना चाहिए।
वहीं सीएम शिवराज के खुद को ओबीसी कहे जाने पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सीएम किसी धर्म या जाति का नहीं होता। वहीं मध्यप्रदेश की बेलगाम ब्यूरोक्रेसी पर सिंधिया ने कहा कि अधिकारियों ने संविधान की शपथ ली है बीजेपी की नही, अधिकारियों को संविधान के मुताबिक काम करना होगा।