महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक मांगों और शक्ति अधिनियम को मंजूरी पर रहेगा जोर

Ads

महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक मांगों और शक्ति अधिनियम को मंजूरी पर रहेगा जोर

  •  
  • Publish Date - December 11, 2020 / 12:04 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:31 PM IST

मुम्बई, 11 दिसंबर (भाषा) महाराष्ट्र विधानमंडल के सोमवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय सत्र में अनुपूरक मांगों तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध अपराधों पर अंकुश पर केंद्रित प्रस्तावित शक्ति अधिनियम से संबंधित विधेयकों को पारित कराने पर बल दिया जाएगा।

विपक्षी भाजपा शिवसेना नीत महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। एक भाजपा नेता ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी कोविड-19 के कुप्रबंधन और बाढ़ एवं चक्रवात से परेशान किसानों को अपर्याप्त राहत से जुड़े मुद्दे उठायेगी।

यह संक्षिप्त सत्र महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार का एक साल पूरा होने तथा विधान परिषद की आधा दर्जन सीटों पर हाल ही में चुनाव (एक सीट पर उपचुनाव) में उसके उत्साहवर्धक प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हो रहा है। कोविड-19 महामारी की वजह से सत्र छोटा रखा गया है।

महाराष्ट्र विकास आघाडी ने उपरी सदन की छह में से चार सीटें जीतीं। भाजपा ने एक सीट जीती जबकि एक सीट पर निर्दलीय विजयी रहा।

हालांकि भाजपा ने कहा है कि चुनावी हार उसे सरकार को चक्रवात, भारी वर्षा एवं बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने में विफलता एवं कोविड-19 महामारी के कुप्रबंधन पर सरकार को घेरने से नहीं रोकेगी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शोक प्रस्ताव के अलावा सत्र में अनुपूरक मांगों को मंजूरी दिलाई जाएगी और प्रस्तावित शक्ति अधिनियम से संबंधित विधेयक पेश किये जाएंगे।

भाषा

राजकुमार पवनेश

पवनेश