भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को मंत्रियों के शपथग्रहण के बाद उनकी बैठक ली। उन्होंने मंत्रियों से विभागों के बारे में राय ली। इस दौरान कई मंत्रियों ने विभागों को लेकर दावेदारी पेश की। वहीं कमलनाथ ने कमलनाथ ने मंत्रियों से दो टूक कहा कि विभागों का वितरण योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर होगा
उन्होंन मंत्रियों को नसीहत भी दी कि जनता को पता लगना चाहिए कि ये जनता की ही सरकार है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अंदर जाने के लिए सीएम कमलनाथ को भी मशक्कत करनी पड़ी। मंत्री न बनाए जाने से नाराज कुछ विधायकों के समर्थकों ने कहीं चक्काजाम कर रखा था तो कहीं नारेबाजी कर रहे थे। कार्यकर्ताओं के हंगामे को देखते हुए कर्मचारियों ने कांग्रेस कार्यालय में ताला लगाया दिया था। ऐसे में ताला तोड़कर कमलनाथ को अंदर लाया गया।
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वहीं मुरैना के सुमावली विधायक विधायक एंदल सिंह कंषाना को शामिल नहीं करने पर समर्थकों ने NH-3 पर चक्काजाम कर दिया था। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि कमलनाथ मंत्रिमंडल के 28 मंत्रियों को आज पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।