प्रतापगढ़ (उप्र) , 27 अक्टूबर (भाषा) पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉक्टर अयूब ने कहा कि न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय सलाहकार समिति ने रासुका हटाकर उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त किया जो विजयादशमी पर सांप्रदायिक शक्तियों के मुंह पर करारा तमाचा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक शक्तियों ने एक षड्यंत्र के तहत उन्हें जेल भिजवाकर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई कराई।
अयूब ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि उन्हें त्याग और बलिदान के त्योहार ईद-उल-अजहा के एक दिन पूर्व गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन विजयादशमी के अवसर पर उनकी रिहाई सांप्रदायिक शक्तियों के मुंह पर करारा तमाचा है।
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उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।
अयूब ने कहा, ‘‘राजनीतिक रूप से पीस पार्टी एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में सामने है और हम किसी भी अत्याचार से भयभीत होने वाले नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘सांप्रदायिकतावादी’’ सत्ता को जरा भी शर्म है तो त्यागपत्र देकर जनता के आक्रोश का सामना करे।