अब छात्रा खुले में शौच करने वालों का निरिक्षण करेंगे, शिक्षक चालान बनाएंगे !

Ads

अब छात्रा खुले में शौच करने वालों का निरिक्षण करेंगे, शिक्षक चालान बनाएंगे !

  •  
  • Publish Date - May 26, 2017 / 03:27 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:09 PM IST

ग्वालियर जिला पंचायत ने एक आदेश जारी किया है. जिसके तहत अब ग्रामीण स्कूल में पढ़ने वाले अपने गांव में खुले में शौच करने वालों पर नजर रखेंगे और फिर ये बच्चे स्कूल पहुंचकर शिक्षक को बताएंगे कि गांव का कौन सा व्यक्ति खुले में शौच करने जाता है। जिला पंचायत के द्वारा स्कूल में रखे गए रजिस्टर में शिक्षक बच्चों के बताए व्यक्ति का नाम पता दर्ज करेंगे। फिर शिक्षक उस व्यक्ति के बारे में तस्दीक करेगा कि वो खुले में शौच के लिए जाता है। इसके लिए शिक्षक बकायदा गांव के आस-पास जाकर खुले में शौच करने वालों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद शिक्षक द्वारा खुले में शौच करने वाले की पर जुर्माना की कार्रवाई करवाएगा। खुले में शौच करने वाले पर 250 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना कराया जाएगा।

उधर शिक्षाविदों ने जिला पंचायत के इस फरमान को बेतुका बताया है। शिक्षाविदों का मानना है कि सरकारी स्कूल के बच्चों को खुले में शौच के लिए जागरुकता अभियान तक उपयोग करना तो ठीक है, लेकिन उन बच्चों को पढ़ाई की बजाए खुले में शौच करने वालों की निगरानी के लिए लगाना उनके भविष्य से खिलवाड़ है। इसके अलावा गांव में पढ़ाने वाले शिक्षकों से सरकार जनगणना, स्वास्थ सर्वे, सहित कई काम थोपती रही है। लिहाजा जिला पंचायत को खुले में शौच मुक्त कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण बच्चों और शिक्षकों पर लादने की बजाए, प्रशिक्षित अमले से कराना चाहिए।

सीईओ के आदेश तहत अब खुले में शौच करने वालों की स्कूल में इंट्री करना, गांव में घूमकर शौच करने वालों की तस्दीक करना और फिर खुले में शौच कराने वालों पर जुर्माना करना इन शिक्षकों के लिए भारी परेशानियों पैदा करेगा। माना जा रहा है, इससे ग्रामीण इलाकों के स्कूल का शिक्षा स्तर और गिरेगा। साथ ही शिक्षक जब खुले में शौच कराने वाले पर जुर्माना कराएगा तो उनके साथ मारपीट और हमले की घटनाएं बढ़ेगी। बावजूद इसके इस फरमान को जारी कर दिया है।