सीएम पद के दावेदारों पर रमन का तंज- रोज पैदा हो रहे हैं, पत्थलगड़ी गैर धार्मिक है तो होगी कार्रवाई

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सीएम पद के दावेदारों पर रमन का तंज- रोज पैदा हो रहे हैं, पत्थलगड़ी गैर धार्मिक है तो होगी कार्रवाई

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  • Publish Date - April 25, 2018 / 02:25 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:33 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस में सीएम पद के दावेदारी पर चुटकी ली है। उन्होंने कहा कि वहां तो रोज मुख्यमंत्री पद के दावेदार पैदा हो रहे हैं। सीएम ने पत्थलगड़ी पर कहा कि यह धार्मिक आयोजन है तो कोई बात नहीं, लेकिन गैर धार्मिक और अलोकतांत्रिक है, तो उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

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सीएम डॉ सिंह बुधवार को दिल्ली से लौटने के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस में सीएम के पद के दावेदारों पर तंज कसते हुए कहा कि रोज नए दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। वहां रोज मुख्यमंत्री पैदा हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकाल अध्यक्ष राम दयाल उइके ने सीएम पद पर दावा ठोंका था। इसके पहले सीएलपी टीएस सिंहदेव भी कह चुके हैं कि वे मुख्यमंत्री पद की कतार में हैं। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ चरणदास महंत भी सीएम के दावेदार माने जाते हैं। 

सीएम ने जशपुर के आदिवासी गांवों में पत्थलगड़ी पर कहा कि इस पर उनका किसी समाज से कोई विरोध नहीं है, अगर ये धार्मिक आयोजन हैं, लेकिन गैर धार्मिक आयोजन और अलोकतांत्रिक है, तो इसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जरूर की जाएगी। 

उधर, पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने  कहा है कि जशपुर सहित कई आदिवासी ज़िलों में पत्थरगड़ी की घटनाएं जनविद्रोह के ख़तरनाक संकेत दे रही हैं। उन्होंने कहा है कि इसके लिए पिछले 15 वर्षों में सरकार की नीतियां और विकास का उनका मॉडल ज़िम्मेदार है। 

भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में पत्थरगड़ी की जो ख़बरें आ रही हैं वो विचलित करने वाली और डराने वाली है। पत्थरगड़ी का मतलब यह है कि अब आम जनता विद्रोह करने पर आमादा है और वह अपने गांव में रमन सरकार के अधिकारियों और उनकी पार्टी के नेताओं को घुसने तक नहीं देना चाहती। 

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उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की यूपीए सरकार ने वर्ष 2006 में वनाधिकार क़ानून लागू किया था। इस क़ानून के तहत आदिवासियों और वनक्षेत्रों के परंपरागत निवासियों को वनभूमि और वन संपदा पर व्यक्तिगत और सामुदायिक हक को कानून बना दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि क्यों नहीं रमन सिंह पत्थरगड़ी वाले किसी गांव से अपनी विकास यात्रा शुरु करते?