रायपुर। छत्तीसगढ़ में अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें भी समयमान-पुनरीक्षित वेतनमान का फायदा मिलेगा। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। शालेय शिक्षाकर्मी संघ ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
प्रदेश में नॉन बीएड और नॉन डीएड शिक्षाकर्मियों की अच्छी खासी संख्या है। उन्हें भविष्य की चिंताएं सताती रहती है। कई स्थानों पर अप्रशिक्षित होने के कारण शिक्षाकर्मियों का नियमितीकरण नहीं हो पाया है। इसी तरह इंक्रीमेंट रोक कर न्यूनतम वेतनमान दिया जा रहा है।
अप्रशिक्षितों ने प्रदेश स्तर पर बैठक कर शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे से पहल कर अपनी समस्या निदान का आग्रह किया था, जिस पर वीरेंद्र दुबे ने उनकी मांगों को प्रमुखता से शासन के समक्ष रखा था। प्रदेश में 8 वर्ष पूर्ण करने वाले अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मियों का भी संविलियन करने का आदेश जारी हुआ। कुछ शिक्षाकर्मी वेतन कटौती के मुद्दे पर हाईकोर्ट भी गए थे जहां उन्के पक्ष में निर्णय आया था किंतु शासन ने उस पारित निर्णय के विरुद्ध डबल बेंच में अपील दायर कर दिया था।
प्रदेश मीडिया प्रभारी जितेन्द्र शर्मा ने जानकारी दी कि इसके लिए संगठन लगातार शासन के सम्पर्क में रहकर यह मांग करते रहा कि इन्हें भी समयमान,पुनरीक्षित और सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए। जिसका आदेश आज जारी हो चुका है। आदेश में कहा गया है की 8 वर्ष पूर्ण कर चुके समयमान और पुनरीक्षित वेतन की पात्रता रखने वाले समस्त अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मियों को भी इसका लाभ प्रदान किया जावेगा।
प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि- समस्त अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मी साथियो के लिए राहत भरी खबर है इन्हें उचित वेतन प्रदाय नही करना गलत था। अब सबको लाभ मिलेगा।