उज्जैन नगर निगम में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए मजदूरों की बीमा राशि निकालने का मामला सामने आया है… लाखों रुपए की ये हेराफेरी उस वक्त उजागर हुई… जब असल हकदार सामने आए… दरअसल नगर निगम ने मजदूरी करने वाले लोगों की मजदूर श्रमिक के नाम से पास बुक बनाई थी… इसके साथ ही मजदूरों का 50 हजार से 1 लाख रुपए तक का बीमा भी किया था… जो उस श्रमिक की मौत के बाद उनके परिवार को दिया जाना था… नगर निगम ने शहर के कंचनपुरा में रहने वाले प्रकाश नाम के मजदूर की भी पास बुक बनाई थी.. 3 साल पहले प्रकाश की मौत हो गई थी… जिसके बाद प्रकाश के परिजनों ने बीमा राशि के लिए निगम में कागजी कार्यवाही की.. लेकिन राशि नहीं मिली… परिजनों ने जब स्थानीय पार्षद से मदद ली… तो पता चला… कि प्रकाश की मौत का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर बीमा राशि का पैसा किसी दूसरे के खाते में डाल दिया गया है.. इस मामले के उजागर होने के बाद ऐसे ही करीब दो दर्जन मामले सामने आ गए… नगर निगम के अधिकारी अब जांच के बाद हेराफेरी करने वालों पर मामला दर्ज करने की बात कह रहे है।