महाराष्ट्र में ‘अनलॉक’ का तीसरा चरण, आम लोग नहीं कर सकेंगे लोकल ट्रेनों में सफर

महाराष्ट्र में ‘अनलॉक’ का तीसरा चरण, आम लोग नहीं कर सकेंगे लोकल ट्रेनों में सफर

महाराष्ट्र में ‘अनलॉक’ का तीसरा चरण, आम लोग नहीं कर सकेंगे लोकल ट्रेनों में सफर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: June 6, 2021 6:22 am IST

मुंबई, छह जून (भाषा) महाराष्ट्र सरकार की ‘अनलॉक’ योजना के तीसरे चरण में मुंबई में सोमवार से रेस्तरां, गैर जरूरी सामान वाली दुकानें और सार्वजनिक स्थल खोल दिए जाएंगे लेकिन मॉल, सिनेमाघर और मल्टिप्लेक्स बंद रहेंगे।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा शनिवार को जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक लोकल ट्रेनों में खास श्रेणी के लोग ही यात्रा कर पाएंगे। महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार रात एक अधिसूचना जारी कर कहा था कि लोकल ट्रेनें चिकित्सा, कुछ जरूरी सेवाओं और महिलाओं के लिए उपलब्ध रहेगी लेकिन निगम प्रशासन को जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त पाबंदी लगाने का अधिकार दिया गया है। बीएमसी ने अपने हालिया आदेश में ‘महिला’ श्रेणी को हटा दिया है जिसमें कहा गया है कि उपनगरीय ट्रेनों में केवल चिकित्सका और कुछ जरूरी सेवा के लोग ही यात्रा कर सकेंगे।

महाराष्ट्र सरकार की अधिसूचना के मुताबिक राज्य में संक्रमण दर पांच प्रतिशत से 10 प्रतिशत के बीच रहने और 60 प्रतिशत ऑक्सीजन बेड खाली रहने वाले नगर निगम और जिले को तीसरे चरण में रखा गया है। बीएमसी के आदेश के मुताबिक जरूरी सामान बेचने वाली दुकानें सात जून से सभी दिन शाम चार बजे तक खुली रह सकती हैं जबकि गैर जरूरी उत्पाद बेचने वाली दुकानें सप्ताहांत पर शाम चार बजे तक खुली रहेंगी। मॉल, सिनेमाघर और मल्टिप्लेक्स बंद रहेंगे।

मुंबई में रेस्तरां सप्ताह के कामकाजी दिनों में शाम चार बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकते हैं। पार्सल, होम डेलिवरी और खाना ले जाने की सुविधाएं जारी रहेंगी। मुंबई में सार्वजनिक स्थल और मैदान हर दिन सुबह पांच बजे से पूर्वाह्न नौ बजे तक खोले जा सकते हैं। निजी कार्यालयों में कामकाजी दिनों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ शाम चार बजे तक कार्य कर सकते हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए लगाए गए लगायी गयी पाबंदी में ढील को लेकर पांच चरण की योजना की घोषणा की थी। इसके लिए कोविड-19 की संक्रमण दर और ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता को पैमाना बनाया गया है।

भाषा सुरभि शोभना

शोभना

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