Ethanol Cooking Foods: अब LPG नहीं.. इथेनॉल से जलेगी रसोई की आग! गन्ने से बने इस फ्यूल पर सरकार का बड़ा प्लान, मिलेगा सब्सिडी का फायदा भी

Ethanol Cooking Foods: केंद्र सरकार रसोई में इथेनॉल को एक वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। इससे एलपीजी पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही सब्सिडी भी दिया जा सकता है। सरकार का मकसद घरेलू स्तर पर उपलब्ध ईंधन विकल्पों को बढ़ावा देकर आयात खर्च घटाना है।

Ethanol Cooking Foods: अब LPG नहीं.. इथेनॉल से जलेगी रसोई की आग! गन्ने से बने इस फ्यूल पर सरकार का बड़ा प्लान, मिलेगा सब्सिडी का फायदा भी

(Ethanol Cooking Foods/ Image Credit: Meta AI)

Modified Date: July 24, 2026 / 12:05 pm IST
Published Date: July 24, 2026 12:02 pm IST
HIGHLIGHTS
  • LPG के विकल्प के रूप में इथेनॉल लाने की तैयारी।
  • सरकार बना रही है घरेलू कुकिंग फ्यूल की नई नीति।
  • इथेनॉल से घट सकती है LPG आयात पर निर्भरता।

नई दिल्ली: Ethanol Cooking Foods: पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (E20) को लागू करने के बाद अब केंद्र सरकार घरेलू रसोई में भी इथेनॉल (Ethanol Cooking Foods) को वैकल्पिक ईंधन के रूप में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ऐसी नीति तैयार करने पर विचार कर रही है जिसके तहत आने वाले समय में लोगों को LPG के साथ इथेनॉल आधारित कूकिंग फ्यूल का विकल्प भी मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य देश की LPG आया पर निर्भरता कम करना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है।

किसानों और पर्यावरण को मिलेगा फायदा

सरकार का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन के इस्तेमाल (Ethanol Cooking Foods) से कई फायदे हो सकते हैं। इथेनॉल एक जैव ईंधन है जो अपेक्षाकृत स्वच्छ माना जाता है और इससे कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा गन्ना और अन्य फसलों से बनने वाले इथेनॉल की मांग बढ़ने से किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे कृषि क्षेत्र को नई संभावनाएं मिल सकती हैं और देश में घरेलू स्तर पर ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिल सकता है।

योजना अभी शुरुआती चरण में

हालांकि रसोई में इथेनॉल इस्तेमाल करने की योजना (Ethanol Cooking Foods) अभी शुरुआती चरण में है। सरकार को इथेनॉल आधारित स्टोव, ईंधन की सप्लाई व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और आम उपभोक्ताओं तक इसकी पहुंच जैसे कई मुद्दों पर काम करना होगा। नीति लागू करने से पहले तकनीकी जांच, परीक्षण और विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। ताकि यह ईंधन सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।

E20 के बाद आगे की रणनीति पर काम जारी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत (E20) से अधिक बढ़ाने का कोई नया फैसला नहीं लिया गया है। भविष्य में किसी भी बदलाव से पहले वैज्ञानिक अध्ययन, तकनीकी परीक्षण और सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी। सरकार का मानना है कि रसोई ईंधन के तौर पर इथेनॉल को बढ़ावा देने से आयात खर्च कम होगा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और देश के बायोफ्यूल मिशन को नई गति मिलेगी।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।