उत्तर प्रदेश में वीरांगनाओं के नाम पर पीएसी की तीन महिला बटालियन स्थापित की गई

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उत्तर प्रदेश में वीरांगनाओं के नाम पर पीएसी की तीन महिला बटालियन स्थापित की गई

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  • Publish Date - March 20, 2021 / 02:25 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:59 PM IST

लखनऊ, 20 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को यहां वीरांगना रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि तीन महान वीरांगनाओं रानी अवंती बाई, रानी ऊदा देवी और रानी झलकारी बाई ने स्वाधीनता के आंदोलन में अपने आपको बलिदान कर दिया।

रानी अवंती बाई के बलिदान दिवस पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियन बनाने की घोषणा की थी जो आज से अस्तित्व में आ रही है।

उन्होंने बताया कि इसके अन्तर्गत बदायूं की महिला पीएसी बटालियन का नामकरण ‘वीरांगना अवंतीबाई महिला बटालियन’, लखनऊ की महिला पीएसी बटालियन का नामकरण ‘वीरांगना ऊदा देवी महिला बटालियन’ तथा गोरखपुर की महिला पीएसी बटालियन का नामकरण ‘वीरांगना झलकारी बाई महिला बटालियन’ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीरांगनाओं का बलिदान हम सबको देश की अखंडता और एकता को अक्षुण्ण बनाये रखने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि इन वीरांगनाओं से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार ने मातृ शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन का एक विशेष कार्यक्रम मिशन शक्ति के रूप में प्रारम्भ किया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के प्रथम स्वातंत्र्य समर में इस देश को फिरंगियों की गुलामी से मुक्त करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जो क्रांति की ज्वाला जली थी, उसमें बुन्देलखण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, रामगढ़ में रानी अवंती बाई ने इस पूरे स्वातंत्र्य समर को नेतृत्व प्रदान किया और सन 1857 में इन्होंने विजयश्री भी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य किया है, वहीं यह भी सुनिश्चित किया है कि नारी गरिमा और सम्मान की रक्षा हर हाल में हो।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1535 थानों, 350 तहसीलों में महिला सुरक्षा हेतु महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है।

इस अवसर पर विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, विधान परिषद सदस्य व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

भाषा आनन्द धीरज

धीरज