एक साल वार्ड में रखने के बाद दो बाघिनों को टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ा गया

एक साल वार्ड में रखने के बाद दो बाघिनों को टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ा गया

एक साल वार्ड में रखने के बाद दो बाघिनों को टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ा गया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:33 pm IST
Published Date: June 2, 2021 8:32 am IST

भोपाल, दो जून (भाषा) लगभग एक साल पहले मध्यप्रदेश के एक टाइगर रिजर्व से बचाकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के दो वार्डों में रखने के बाद दो मादा बाघों को अब संजय टाईगर रिजर्व और सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के जंगलों में छोड़ा गया है।

इन दोनों मादा बाघ की आयु 3 वर्ष 3 माह है।

प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) आलोक कुमार ने मंगलवार को बताया कि दो मादा बाघ शावकों को एक साल पहले सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र से बचाया गया था और इन्हें उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा वार्ड में रखा गया था।

उन्होंने बताया कि इस साल तक बहेरहा वार्ड में रखने के बाद इन्हें अब संजय टाइगर रिजर्व (सीधी) और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित कर दिया गया है।

कुमार ने बताया कि पिछले माह वन्य जीव विशेषज्ञों की टीम द्वारा निरीक्षण किए जाने के बाद उनकी अनुशंसा पर यह स्थानांतरण किया गया है।

इस बीच, एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सभी टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिये एक जून से 30 जून तक खोल दिया है। इनमें आंगुतकों को कोविड-19 अनुरुप व्यवहार के पालन के अधीन प्रवेश की अनुमति होगी।

मध्यप्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना सहित कई टाइगर रिजर्व क्षेत्र हैं।

भाषा दिमो मनीषा

मनीषा


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