जीरम घाटी हमले की जानकारी होते हुए राज्य शासन ने सुरक्षा के कदम नहीं उठाए !

जीरम घाटी हमले की जानकारी होते हुए राज्य शासन ने सुरक्षा के कदम नहीं उठाए !

जीरम घाटी हमले की जानकारी होते हुए राज्य शासन ने सुरक्षा के कदम नहीं उठाए !
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: December 8, 2017 2:47 pm IST

जीरम आयोग की सुनवाई में शुक्रवार को राज्य शासन ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, आईबी और CRPF के खुफिया विभाग से मिली जानकारियां आयोग में पेश की। CRPF की खुफिया विंग की एक जानकारी राज्य शासन ने आयोग में नहीं जमा की जिसे लेकर कांग्रेस के वकील ने आपत्ति जर्द कराई, यह जानकारी अगली सुनवाई में देने की बात कही गई है।

वादे पूरे नहीं किए तो मैं जेल जाने को भी तैयार – अजीत जोगी

कांग्रेस के वकील ने पिछली सुनवाई में यह कहा था कि नक्सली गतिविधियों के संबंध में समय-समय पर केंद्र सरकार का खुफिया तंत्र CRPF और आईबी सूचनाएं राज्य शासन को देती रही है। इन्हीं सूचनाओं में जीरम घाटी हमले के पहले राज्य शासन को यह बताया गया था कि कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान नक्सली बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले हैं और नक्सलियों का बड़ा जमावड़ा जीरम घाटी के आसपास हो रहा है।

लोग अब समझ गए हैं बोनस का कोई लाभ भाजपा को नहीं मिलेगा – जोगी

कांग्रेस का आरोप है कि इन सूचनाओं के बावजूद राज्य शासन ने सुरक्षा के कदम नहीं उठाए जिसकी वजह से जीरम घाटी सामूहिक हत्याकांड हुआ। आयोग की अगली सुनवाई 12 जनवरी को तय की गई है।


लेखक के बारे में