(Bharat coking coal ipo gmp/ Image Credit: BCCL X)
नई दिल्ली: BCCL IPO GMP Today News: भारत कोकिंग कोल (BCCL) का IPO आज शुक्रवार को खुलते ही शानदार हिट रहा। यह इश्यू खुलने के सिर्फ 30 मिनट में यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। IPO को 1.81 गुना सब्सक्राइब किया गया, खास तौर पर नॉन-इंस्टीड्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की ओर से मजबूत मांग देखने को मिली है। IPO का प्राइस बैंड 21-23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और निवेशक इसमें 13 जनवरी 2026 तक बोली लगा सकते हैं। अधिकांश ब्रोकरेज हाउस ने इसे लिस्टिंग गेन के नजरिए से सब्सक्राइब करने की सलाह दी है और वैल्यूएशन को बेहतर बताया।
BCCL IPO को ग्रे मार्केट में भी शानदार रिस्पॉन्स देखने को मिला। 9 जनवरी 2026 को सुबह 10:02 बजे तक GMP करीब 9.4 रुपये दर्ज किया गया। अगर ऊपरी प्राइस बैंड 23 रुपये को आधार मानें, तो अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 32.4 रुपये बनता है, यानी निवेशकों को लगभग 40% तक का संभावित फायदा मिल सकता है। रिपोर्ट्स में GMP 9.25 रुपये से 16.25 रुपये तक बताया जा रहा है, जो शेयर के प्रति उच्च उत्साह का संकेत है।
यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। RHP के अनुसार, कंपनी को सीधे पैसे नहीं मिलेंगे। प्रमोटर कोल इंडिया अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। IPO के जरिए सरकार 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर बेचकर लगभग 1,071 करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है। ऊपरी प्राइस बैंड पर BCCL का वैल्यूएशन लगभग 10,700 करोड़ रुपये होता है।
शेयर का अलॉटमेंट 14 जनवरी 2026 को और लिस्टिंग 16 जनवरी 2026 को होने की संभावना है। इससे पहले एंकर इन्वेस्टर्स से करीब 273.1 करोड़ रुपये जुटाए गए। एंकर बुक में LIC, निप्पॉन लाइफ इंडिया, बंधन म्यूचुअल फंड, UTI म्यूचुअल फंड, सोसाइटी जेनरल, कॉपथॉल मॉरीशस और मेबैंक सिक्योरिटीज जैसे बड़े नाम शामिल हैं। मिनी रत्न PSU होने की वजह से यह IPO साल 2026 का पहला बड़ा सार्वजनिक इश्यू माना जा रहा है।
क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, FY25 में BCCL भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी रही। 30 सितंबर 2025 तक छह महीनों में कंपनी का उत्पादन 15.75 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 19.09 मिलियन टन था। कंपनी देशभर में कुल 34 खदानें चला रही है, जिनमें 4 अंडरग्राउंड, 26 ओपनकास्ट और 4 मिक्स्ड खदानें शामिल हैं।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।