मुंबई, 25 फरवरी (भाषा) आईएसआईएस से जुड़े एक मामले के आरोपी अरीब मजीद ने दावा किया है कि दो व्यक्तियों ने खुद को भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में पेश करके उससे संपर्क किया और एक गुप्त अभियान में शामिल होने के बदले उसके मुकदमे को ‘खत्म’ कराने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद बुधवार को एक विशेष अदालत ने नोटिस जारी करके राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और कल्याण पुलिस से इस मामले में जवाब तलब किया।
आतंकवाद-रोधी कानून के तहत वर्ष 2014 में गिरफ्तार किए गए और मुकदमे का सामना कर रहे मजीद ने अदालत में एक आवेदन दायर कर कहा कि वह कानून से परे जाकर किसी भी प्रकार की सहायता या समझौता नहीं चाहता, बल्कि यह चाहता है कि उसके मामले का फैसला पूरी तरह से कानूनी आधार पर हो।
उसकी याचिका का संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा कि यह ‘संदिग्ध प्रतिरूपण, प्रलोभन देने का प्रयास, बाद में दबाव डालना और न्याय के निष्पक्ष प्रशासन में हस्तक्षेप’ से संबंधित एक गंभीर घटना है।
विशेष एनआईए न्यायाधीश चकोर बाविस्कर ने बाजार पेठ पुलिस थाना (कल्याण में) और एनआईए को नोटिस जारी कर मजीद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर उनका जवाब मांगा है।
मामले की सुनवाई चार मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वर्ष 2021 में उच्च न्यायालय से जमानत प्राप्त करने वाले मजीद द्वारा दायर आवेदन के अनुसार, घटनाएं 21 फरवरी, 2026 को घटीं।
इसमें कहा गया है कि जब मजीद अपने कॉलेज में थे तभी उनकी पत्नी ने उन्हें बताया कि एक अज्ञात पुरुष और महिला उनके ठाणे जिले के कल्याण स्थित आवास पर आए हैं और उनके लौटने तक अंदर इंतजार करने पर जोर दे रहे हैं।
दस्तावेज में दावा किया गया है कि भारतीय सेना से होने का दावा करने वाली महिला ने फोन पर मजीद को बताया कि उसके साथ नयी दिल्ली का एक वरिष्ठ कर्नल रैंक का अधिकारी भी है।
याचिका में कहा गया है कि महिला ने कथित तौर पर मजीद से कहा कि उसे एक गुप्त अभियान में उसकी ‘मदद’ की आवश्यकता है और बदले में वह उसके (मजीद) खिलाफ लंबित मामले को ‘खत्म’ करा देगी।
लेकिन मजीद ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया। इसके बाद उसने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करके एनआईए नियंत्रण कक्ष को सूचित किया।
बाद में दोनों व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बाजार पेठ पुलिस थाना ले जाया गया। एनआईए का मामला यह था कि मजीद कथित तौर पर आतंकवादी समूह आईएसआईएस में शामिल होने के लिए सीरिया गया था और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत लौट आया था।
मजीद को नवंबर 2014 में कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने और अन्य आरोपों के लिए गिरफ्तार किया गया था।
भाषा संतोष सुरेश
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