(Lenskart Share Price/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Lenskart Share Price Today मुंबई की आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के शेयरों में ब्रोकरेज फर्मों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। मोतीलाल ओसवाल ने इस स्टॉक पर 600 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो इसे कवर करने वाली 13 ब्रोकरेज फर्मों में सबसे ऊंचा है। करीब 83,000 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली कंपनी का शेयर लिस्टिंग के बाद से मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। पिछले एक महीने में यह 12% से ज्यादा चढ़ चुका है। अगर शेयर 600 रुपये तक पहुंचता है, तो मौजूदा स्तर से करीब 26% की और तेजी संभव है।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि लेंसकार्ट का वैल्यूएशन दूसरी रिटेल कंपनियों के मुकाबले महंगा है, लेकिन कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति इसे सही ठहराती है। ब्रोकरेज के अनुसार लेंसकार्ट के पास मजबूत ब्रांड पहचान, बेहतर सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस मॉडल जैसे बड़े फायदे हैं। अनुमान है कि कंपनी मार्च 2028 तक 53% की कंपाउंडेड सालाना ग्रोथ और करीब 70% तक फ्री कैश फ्लो ग्रोथ दर्ज कर सकती है।
दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी ने मजबूत नतीजे पेश किए। इस दौरान रेवेन्यू में 38% की बढ़त दर्ज हुई। EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़ा और शुद्ध मुनाफे में कई गुना उछाल देखा गया। मुनाफे का मार्जिन भी बढ़कर 20.1% हो गया, जो एक साल पहले 12.7% था। बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए जेफरीज ने भी अपने मुनाफे के अनुमान और टारगेट प्राइस में संशोधन किया है।
| विवरण | आंकड़ा |
| वर्तमान शेयर मूल्य | ₹489.75 (+₹9.85, 2.05%) |
| समय | 20 फरवरी, 1:57 pm IST |
| ओपन | ₹479.95 |
| दिन का उच्च स्तर | ₹497.20 |
| दिन का निम्न स्तर | ₹479.95 |
| मार्केट कैप | ₹84.57 हजार करोड़ |
| P/E अनुपात | 162.93 |
| 52-सप्ताह उच्च | ₹533.00 |
| 52-सप्ताह निम्न | ₹356.10 |
| डिविडेंड | नहीं |
| तिमाही डिविडेंड राशि | नहीं |
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के बाद 20 फरवरी को लेंसकार्ट का शेयर करीब 3% उछलकर 497.20 रुपये तक पहुंच गया। स्टॉक का 52-वीक हाई 533 रुपये है, जो 13 फरवरी को बना था। कंपनी का ओम्नी-चैनल मॉडल, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों में मजबूत पकड़ और प्रीमियम से लेकर किफायती रेंज तक की मौजूदगी इसे लंबी अवधि में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।