(Lohia Corp IPO Price Band/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: Lohia Corp IPO Price Band: कानपुर की मशीनरी और इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्पोरेशन ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड घोषित कर दिया है। रिटेल निवेशकों के लिए कंपनी का आईपीओ 23 जुलाई से खुलेगा और इसमें आवेदन करने की आखिरी तारीक 27 जुलाई होगी। वहीं, एंकर निवेशक 22 जुलाई से इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में भी अच्छी हलचल देखने को मिल रही है।
लोहिया कॉर्पोरेशन ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 404 रुपये से 425 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में एक लॉट में 35 शेयर शामिल होंगे। कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल 1,101.28 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है। जिसमें कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी।
इस आईपीओ के तहत लोहिया परिवार करीब 2.59 करोड़ शेयर बेच रहा है। पहले शेयर बिक्री की संख्या ज्यादा थी लेकिन बाद में इसे घटा दिया गया। चूंकि यह मेनबोर्ड आईपीओ है इसलिए कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर होगी। कंपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए मशीनरी और संबंधित उत्पाद तैयार करती है।
लोहिया कॉर्पोरेशन के वित्तीय प्रदर्शन में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 193.50 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष के 117.80 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 64 फीसदी ज्यादा है। वहीं, कंपनी का राजस्व 24.7 फीसदी बढ़कर 1,717 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का कारोबार टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ा हुआ है।
आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में भी पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। कंपनी के शेयर करीब 20 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं जिससे लिस्टिंग में फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। आईपीओ में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए 75 फीसदी हिस्सा, रिटेल निवेशकों के लिए 10 फीसदी और गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए 15 फीसदी हिस्सा आरक्षित रखा गया है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
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