(NSE IPO News/ Image Credit: NSE)
नई दिल्ली: NSE IPO News: भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के IPO को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एनएसी दिसंबर 2026 के अंत तक अपने आईपीओ को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। यह अब तक के भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है। हालांकि, NSE ने अभी तक इस बारें में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, NSE जून 2026 के अंत तक अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सेबी के पास दाखिल कर सकता है। DRHP जमा होने के बाद ही IPO की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी। फिलहाल,एक्सचेंज की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बाजार एक्सपर्ट मानते हैं कि दिसंबर 2026 तक आईपीओ लॉन्च करने की उम्मीद है।
अपने आईपीओ को सफल बनाने के लिए एनएसई ने 20 मर्चेंट बैंकरों को नियुक्त किया है। यह किसी भी भारतीय पब्लिक इश्यू में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इसके अलावा रेगुलेटरी, डॉक्यूमेंटेशन और कंप्लायंस के मामलों के लिए 8 लॉ फर्मों का चयन किया गया है। एनएसई की आईपीओ समिति जिसका नेतृत्व श्रीनिवास कर रहे हैं, उन्होंने सभी नियुक्तियों को फेयर प्रोसेस के तहत मंजूरी दी है। यह दर्शाता है कि एक्सचेंज अपने IPO को हर पहलू से व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, NSE अपने आईपीओ में ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए 4-5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विचार कर रहा है। इस रूट के माध्यम से मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, जिससे कंपनी को नए फंड की प्राप्ति नहीं होगी। अनुमान है कि इस इश्यू का साइज 20,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो जाएगा।
NSE का IPO इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम वाला एक्सचेंज है। कई सालों से रेगुलेटरी मंजूरी और कानूनी अड़चनों के कारण इसका आईपीओ टलता रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना हैं कि यह आईपीओ इंडियन कैपिटल मार्केट के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।