(Pranav Constructions IPO/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: Pranav Constructions IPO: प्रणव कंस्ट्रक्शन का IPO खुलते ही निवेशकों के बीच जबरदस्त चर्चा में आ गया। 7 सितंबर को शुरू हुए इस इश्यू (Pranav Constructions IPO) को महज एक घंटे में ही 100% सब्सक्रिप्शन मिल गया था। दोपहर 3:20 बजे तक IPO कुल 4.67 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 5.09 गुना, NII कैटेगरी 7.84 गुना और QIB कैटेगरी 0.51 गुना सब्सक्राइब हुआ। निवेशक 9 सितंबर तक इसमें बोली लगा सकते हैं।
IPO को लेकर निवेशकों का उत्साह सिर्फ सब्सक्रिप्शन तक सीमित नहीं है। ग्रे मार्केट में भी इसके (Pranav Constructions IPO) शेयरों की मांग बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रणव कंस्ट्रक्शन IPO का GMP करीब 43 रुपये चल रहा था। यह IPO की ऊपरी कीमत के मुकाबले लगभग 34% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP में लगातार बदलाव हो सकता है और यह लिस्टिंग पर वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं है।
कंपनी ने IPO के लिए 118 से 124 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 120 शेयर रखे गए हैं। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 14,880 रुपये लगाने होंगे। IPO का कुल साइज 351.03 करोड़ रुपये है। इसमें 2.55 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि मौजूदा शेयरधारक 35.43 करोड़ रुपये तक के शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचेंगे।
प्रणव कंस्ट्रक्शन एक रियल एस्टेट (Pranav Constructions IPO) कंपनी है, जिसका कारोबार मुख्य रूप से ग्रेटर मुंबई क्षेत्र में है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी ने 28 प्रोजेक्ट पूरे किए थे, जबकि 20 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था। इसके अलावा 17 प्रोजेक्ट प्रस्तावित थे। वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी में 198 स्थायी कर्मचारी काम कर रहे थे। एंकर निवेशकों से कंपनी ने 4 सितंबर को 84.25 करोड़ रुपये जुटाए थे।
कंपनी IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में करेगी। करीब 145.72 करोड़ रुपये मौजूदा और आगामी प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, 91.50 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने में किया जाएगा। बची हुई राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी। IPO के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 48.54% होने की उम्मीद है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।