(Share Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Share Market Today in India फरवरी सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 100 अंक नीचे फिसला, जिससे अंदेशा है कि घरेलू बाजार दबाव में खुल सकते हैं। वहीं, टैरिफ को लेकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में संभावित रुकावट की आशंका से टेक शेयरों में दबाव दिखा। बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई।
घरेलू बाजार ने हफ्ते की शुरुआत मजबूती से की थी। बीएसई सेंसेक्स करीब 480 अंक चढ़कर 83,294 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 25,713 के स्तर पर बंद हुआ। आईटी और मेटल शेयरों में दबाव रहा, जबकि पीएसयू बैंक, फार्मा और ऑटो शेयरों में खरीदारी दिखी। मिडकैप इंडेक्स थोड़ा गिरा, जबकि स्मॉलकैप में हल्की बढ़त रही।
अमेरिका में बिकवाली तेज रही। डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 800 अंकों से ज्यादा टूट गया। S&P 500 और Nasdaq Composite भी 1% से अधिक गिरावट के साथ बंद हुए।
HDFC Securities के एक्सपर्ट के अनुसार, निफ्टी दिन में संभलने की कोशिश के बावजूद 25,885 के रेजिस्टेंस को पार नहीं कर पाया। अगर यह स्तर मजबूती से टूटता है तो 26,000 की ओर रास्ता खुल सकता है। वहीं 25,570 फिलहाल अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
मजबूत डॉलर के कारण सोने की कीमतों में गिरावट आई। तीन हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद स्पॉट गोल्ड करीब 1.5% टूट गया। अमेरिका के गोल्ड फ्यूचर्स में भी लगभग 1% की कमजोरी दर्ज की गई। टैरिफ अनिश्चितता और वॉशिंगटन-तेहरान तनाव के बावजूद डॉलर की मजबूती भारी पड़ी।
तेल की कीमतें हालिया ऊंचाई से थोड़ा नीचे रहीं। ब्रेंट क्रूड लगभग 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि अमेरिकी क्रूड 66 डॉलर के करीब फिसला। मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता को लेकर अनिश्चितता से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
आज की एक्सपायरी के चलते उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है। वैश्विक संकेत कमजोर हैं, इसलिए निवेशकों को अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखनी होगी। डॉलर, कच्चे तेल और अमेरिकी बाजारों की चाल घरेलू रुख तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।