(Stock Market 16 April 2026/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market 16 April 2026 in India: सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन बाजार का माहौल सकारात्मक नजर आ रहा है। विदेशी निवेशकों की कैस मार्केट में खरीदारी और वायदा में शॉर्ट कवरिंग से संकेत मिल रहे हैं कि बाजार में मजबूती बनी रह सकती है। गिफ्ट निफ्टी भी 100 अंकों से ज्यादा की बढ़त दिखा रहा है, जिससे शुरूआती कारोबार में तेजी की उम्मीद है।
15 अप्रैल को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 666 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 569 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। कारोबार के दौरान DIIs ने 18,500 करोड़ रुपये की खरीदारी और 19,069 करोड़ रुपये की बिकवाली की। वहीं FIIs ने 18,076 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 17,409 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस साल अब तक FIIs ने 2.11 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। जबकि DIIs ने 2.76 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की है।
वैश्विक बाजारों से भी अच्छे संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख है। लेकिन कोस्पी और निक्केई करीब 2% तक ऊपर हैं, जबकि हैंग सेंग में 1% की तेजी है। वहीं अमेरिका में नैस्डैक और S&P 500 इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। डाओ फ्यूचर्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
डॉलर छह हफ्तों के निचले स्तर के पास बना हुआ है। क्योंकि ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की उम्मीद से निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरा है। यूरो और स्टर्लिंग में हल्की मजबूती देखी गई है। वहीं येन और युआन भी स्थिर बने हुए हैं। इस माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश से हटकर जोखिम वाले एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतें 94 डॉलर प्रति बैरल के करीब स्थिर बनी हुई हैं, जो बाजार के लिए संतुलित संकेत है। गिफ्ट निफ्टी ने भी फ्लैट से पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दिया है और यह करीब 24,291 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर घरेलू और वैश्विक संकेतों को देखते हुए भारतीय बाजार में हल्की बढ़त के साथ शुरुआत की उम्मीद जताई जा रही है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।