(Stock Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Today in India वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली और आरबीआई की मौद्रिक नीति से पहले भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी-50 की शुरुआत गिरावट के साथ होने की संभावना है। अमेरिका और एशिया के बाजारों में आई तेज गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों की धारणा पर साफ नजर आ रहा है। फिलहाल निवेशक सतर्क रूख अपनाए हुए हैं।
वॉल स्ट्रीट में रातभर की बिकवाली के बाद शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेज गिरावट देखी गई। जापान का निक्केई 225 करीब 1.22 प्रतिशत और टॉपिक्स 0.74 प्रतिशत टूट गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.86 प्रतिशत और कोस्डैक 5.26 प्रतिशत की भारी गिरावट में रहा। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स भी कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज सुबह 10 बजे फरवरी महीने की मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने की उम्मीद जताई जा रही है। निवेशक इस नीति से भविष्य की ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों को लेकर दिशा तलाशेंगे।
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार सभी सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के साथ बंद हुआ। निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे बाजार में कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स 503 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,313.93 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी-50 भी 133 अंक या 0.52 प्रतिशत टूटकर 25,642 के स्तर पर बंद हुआ।
गिफ्ट निफ्टी करीब 25,585 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 140 अंक नीचे है। जो घरेलू बाजार के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। उधर, अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को तेज गिरावट आई। टेक शेयरों में बिकवाली से नैस्डैक नवंबर के बाद अपने निचले स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के उच्च स्तर के पास बना हुआ है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में भी कमजोरी जारी है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई दोनों ही हफ्तों में पहली साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे ऊर्जा बाजार में भी सतर्कता बढ़ी है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।