(Stock Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market Today in India: ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने वैश्विक माहौल को सकारात्मक बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम पर रोक लगाने की घोषणा की। हालांकि नाकाबंदी जारी रखने की बात कही। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के खत्म होने का ऐलान किया। ट्रंप ने इसे ईरान के साथ अंतिम समझौते की दिशा में बड़ा कदम बताया, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद जगी है।
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत मिलते ही कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 1.38% गिरकर 108.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी लगभग 1.47% गिरकर 100.77 डॉलर पर पहुंच गया। सप्लाई दोबारा शुरू होने की उम्मीद से कीमतें नीचे आईं।
ईरान के साथ संभावित समझौते की खबरों का असर करेंसी बाजार पर भी दिखा। ज्यादातर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में नरमी आई। यूरो और ब्रिटिश पाउंड में हल्की मजबूती देखी गई। जबकि ऑस्ट्रेलियन और न्यूजीलैंड डॉलर भी बढ़त में रहे। डॉलर इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ 98.299 पर आ गया। जिससे निवेशकों का रुख जोखिम वाले एसेट्स की ओर बढ़ता दिखा।
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। S&P 500 और Nasdaq नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। जिसमें AI और टेक्नोलॉजी शेयरों की बड़ी भूमिका रही। S&P 500 करीब 0.81% बढ़कर 7,259.22 पर बंद हुआ। जबकि Nasdaq 1.03% बढ़कर 25,326.13 पर पहुंच गया। डाओ जोन्स भी करीब 350 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ।
वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय बाजार के लिए भी माहौल सकारात्मक नजर आ रहा है। गिफ्ट निफ्टी करीब 188 से 200 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। जिससे मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में भी तेजी है और डाओ फ्यूचर्स में बढ़त दिख रही है। कुल मिलाकर कमजोर होते तेल और नरम भू-राजनीतिक माहौल से बाजार में रौनक लौटती नजर आ रही है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।