MP Gehu Kharidi 2026: गेहूं बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत, प्रदेश सरकार ने कर दिया ये बड़ा ऐलान, जानकर आप भी हो जांएगे खुश

Ads

MP Gehu Kharidi 2026: गेहूं बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत, प्रदेश सरकार ने कर दिया ये बड़ा ऐलान, जानकर आप भी हो जांएगे खुश

  •  
  • Publish Date - May 6, 2026 / 06:33 AM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 06:34 AM IST

MP Gehu Kharidi 2026 | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • गेहूं खरीद स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई
  • किसानों को भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा रहा है
  • ई-किसान प्रणाली से प्रत्येक किसान का डिजिटल रिकॉर्ड और भू-टैगिंग सुनिश्चित

भोपाल: MP Gehu Kharidi 2026 मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए 2026-27 रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं खरीद हेतु स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को यह घोषणा की। पहले इसकी अंतिम तिथि नौ मई थी। एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला इस उद्देश्य से लिया गया है कि समर्थन मूल्य योजना से कोई भी किसान वंचित न रह जाए।

MP Gehu Kharidi 2026 अधिकारी के अनुसार, दो मई तक राज्य में किसानों से 34.73 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। चना और मसूर की खरीद अवधि 30 मार्च से 28 मई तक निर्धारित की गई है। सरकार ने चना के लिए 6.49 लाख टन और मसूर के लिए 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है, जबकि अरहर की 1.31 लाख टन खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि किसानों की उपज की सुरक्षा के लिए खाद्यान्न भंडारण योजना के तहत लगभग 3.55 लाख टन क्षमता का भंडारण तैयार किया गया है। सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 1.1 लाख टन क्षमता वाले गोदामों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।

यादव ने बताया कि ‘ई-विकास’ और ‘ई-किसान’ प्रणाली के जरिए किसानों को योजनाओं, बाजार भाव, मौसम और तकनीकी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही है। एक अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में लागू ई-किसान प्रणाली के तहत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट आईडी दी जा रही है, जिसमें उसकी भूमि और फसल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड होगा। किसान रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक खेत का भू-टैगिंग किया जा रहा है, जिससे फसल बीमा, नुकसान का आकलन और ड्रोन से छिड़काव में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश और दुनिया में अग्रणी है, जहां 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खेती हो रही है और 6,000 से अधिक संकुल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि प्रणाली के तहत 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन ऑपरेटरों को जैविक कीटनाशकों के छिड़काव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

इन्हें भी पढ़ें:-

गेहूं खरीद की नई अंतिम तिथि क्या है?

23 मई 2026।

किसानों को भुगतान कैसे किया जाएगा?

खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा।

चना और मसूर की खरीद अवधि कब तक है?

30 मार्च से 28 मई 2026 तक।