Surge in Defence Stocks: डिफेंस स्टॉक्स की रफ्तार ने तोड़ दिए रिकॉर्ड! रॉकेट की रफ्तार में उड़े शेयर, निवेशक रह गए हैरान

Surge in Defence Stocks: भारत और फ्रांस के बीच राफेल फाइटर जेट डील के बाद डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कुछ कंपनियों के शेयर 9 प्रतिशत तक बढ़े। इस तेजी में भारत डायनेमिक्स और डेटा पैटर्न्स (इंडिया) जैसे प्रमुख डिफेंस स्टॉक्स शामिल रहे।

Surge in Defence Stocks: डिफेंस स्टॉक्स की रफ्तार ने तोड़ दिए रिकॉर्ड! रॉकेट की रफ्तार में उड़े शेयर, निवेशक रह गए हैरान

(Surge in Defence Stocks/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: February 22, 2026 / 05:17 pm IST
Published Date: February 22, 2026 5:09 pm IST
HIGHLIGHTS
  • डेटा पैटर्न्स (इंडिया) के शेयर 9% उछलकर 3,190 रुपये तक पहुंचे।
  • भारत डायनेमिक्स (BDL) के शेयर 3.14% बढ़कर 1,314.55 रुपये पर बंद हुए।
  • राफेल जेट और हेलीकॉप्टर को लेकर भारत-फ्रांस डील हुई है।

नई दिल्ली: Surge in Defence Stocks बीते शुक्रवार को डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। डेटा पैटर्न्स (इंडिया) के शेयर 9 प्रतिशत बढ़कर 3,190 रुपये तक पहुंच गए, जबकि भारत डायनेमिक्स (BDL) के शेयर 3.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,314.55 रुपये पर बंद हुए। इस उछाल का मुख्य कारण भारत और फ्रांस के बीच राफेल फाइटर जेट डील है, जिसने निवेशकों में भरोसे को मजबूत किया है।

भारत-फ्रांस डील का महत्व (India-France Deal)

भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और फ्रांस के बीच नए डिफेंस सहयोग की पुष्टि की। दोनों देश मिलकर नए जमाने के फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, पनडुब्बी और मल्टी-रोल डिफेंस सिस्टम बनाने पर काम करेंगे। मैक्रों ने यह भी कहा कि भारत को फ्रांस से सबमरीन की आपूर्ति भी मिल सकती है। यह डील भारत के डिफेंस सेक्टर को और मजबूती प्रदान करेगी।

डिफेंस खरीद की मंजूरी (Defence Purchase Approval)

भारत की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील में 114 राफेल जेट खरीदने को मंजूरी दी है। इस कदम से भारतीय डिफेंस सेक्टर को लंबी अवधि में मजबूती मिलेगी और नई तकनीक के साथ सुरक्षा क्षमता बढ़ेगी। निवेशक इस खबर को सकारात्मक संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

डिफेंस स्टॉक्स की तेजी की वजह (Defence Dtocks Rise)

डिफेंस स्टॉक्स की तेजी का एक और कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को न्यूक्लियर डील के लिए अल्टीमेटम दिया है, और मध्य पूर्व में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन सहित युद्धपोत भेजे गए हैं। वहीं रूस और ईरान के बीच मिलिट्री डील ने भी वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है। इन सभी कारणों से निवेशक डिफेंस सेक्टर में निवेश बढ़ा रहे हैं।

नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।