(Tata Motors Q1 Profit Surge/ Image Credit: Tata Motors)
नई दिल्ली: Tata Motors Profit Surge: टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल कारोबार ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में (Tata Motors Q1 Profit Surge) मजबूत प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 83 प्रतिशत बढ़कर 2,560 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 1,397 करोड़ रुपये था। वहीं, ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 19 प्रतिशत बढ़कर 20,667 करोड़ रुपये पहुंच गया। जो एक साल पहले 17,324 करोड़ रुपये था। इससे कंपनी की बिक्री और कमाई में अच्छी मजबूती देखने को मिली।
कंपनी का EBITDA भी पहली तिमाही में 10 प्रतिशत (Tata Motors Q1 Profit Surge) बढ़कर 2,300 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 10.9 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल की तुलना में 90 बेसिस पॉइंट कम है। इसकी मुख्य वजह बढ़ते खर्च को माना जा रहा है। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़ा। यानी कमाई बढ़ने के बावजूद लागत में तेजी का असर मार्जिन पर पड़ा है।
बिक्री के मामले में भी टाटा मोटर्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल 1,08,700 कमर्शियल व्हीकल बेचे, जो पिछले साल की समान तिमाही से 26 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बिक्री में भी 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि निर्यात में 35 प्रतिशत का उछाल आया। मजबूत बिक्री के चलते घरेलू कमर्शियल व्हीकल बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 36.8 प्रतिशत हो गई। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 100 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ है।
तिमाही नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए। आज गुरुवार को सुबह करीब 11 बजे टाटा मोटर्स के शेयर (Tata Motors Q1 Profit Surge) में करीब 3.77 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली और यह शेयर 474.30 रुपये पर कारोबार करता नजर आ रहा था। कुल मिलाकर कंपनी के लिए पहली तिमाही मजबूत रही। मुनाफे, रेवेन्यू और बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, बढ़ती लागत और कमोडिटी कीमतों का दबाव आगे भी कंपनी के लिए चुनौती बन सकता है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।