(Tata Sons IPO News/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Tata Sons IPO News: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सिस्टम के लिए जरूरी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को लेकर नया नियम लागू किया है। इसके तहत अपर लेयर NBFC कैटेगरी में आने वाली कंपनियों की एसेट लिमिट 1 लाख करोड़ रुपये तय कर दी गई है। अगर किसी कंपनी की संपत्ति इस सीमा से ज्यादा है तो उसे भविष्य में शेयर बाजार में पब्लिक लिस्टिंग कंपनी करानी पड़ सकती है।
RBI ने इंडस्ट्री की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें यह सीमा 2.5 लाख करोड़ रुपये करने की बात कही गई थी। अब साफ कर दिया गया है कि 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा एसेट वाली NBFCs को रेगुलेटरी निगरानी के तहत रखा जाएगा। इसका मतलब है कि बड़ी कंपनियों के लिए नियम और सख्त हो सकते हैं और उनका कंट्रोल स्ट्रक्चर बदल सकता है।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर टाटा संस जैसी बड़ी होल्डिंग कंपनियों पर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर टाटा संस की लिस्टिंग होती है तो यह देश का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सिर्फ 5% हिस्सेदारी का IPO भी 60 से 70 हजार करोड़ रुपये तक का हो सकता है। इससे यह Jio और NSE जैसे संभावित बड़े IPO से भी बड़ा माना जाएगा।
RBI ने साफ किया है कि वह हर साल अपर-लेयर NBFCs की पहचान करेगा और उनकी निगरानी करेगा। हालांकि वित्त वर्ष 2026 में अभी तक इस कैटेगरी की कोई नई लिस्ट जारी नहीं की गई है। पहले यह चयन कई पैरामीटर्स पर आधारित होता था। लेकिन अब इसे सरल बनाकर केवल एसेट साइज के आधार पर तय किया जाएगा। जिससे नियम ज्यादा पारदर्शी बनें।
अगर नियम लागू होते हैं और टाटा संस को लिस्टिंग करनी पड़ती है तो इसके मालिकाना ढांचे में बड़ा बदलाव हो सकता है। अभी टाटा ट्रस्ट्स के पास मजबूत नियंत्रण है। लेकिन पब्लिक कंपनी बनने पर सभी शेयरधारकों को बराबर अधिकार मिल सकते हैं। इससे ग्रुप के फैसलों और नियंत्रण व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।