(Tempsens Instruments IPO/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Tempsens Instruments IPO: आज 24 अगस्त 2026 को Tempsens Instruments (India) IPO में निवेश करने का आखिरी दिन है। इस आईपीओ (Tempsens Instruments IPO) को ग्रे मार्केट में जोरदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। मौजूदा GMP 313 रुपये पर पहुंच गया है जो कंपनी के ऊपरी प्राइस बैंड 300 रुपये से भी ज्यादा है। इस आधार पर ग्रे मार्केट करीब 104% के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।
आईपीओ को निवेशकों की ओर से (Tempsens Instruments IPO) जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और अब तक यह 21 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी 18.73 गुना सब्सक्राइब हुई है। वहीं, क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी को 3.31 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों यानी NII हिस्से को 52.98 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। 22 अगस्त को GMP 321 रुपये के स्तर पर था, जो अब तक का मजबूत स्तर रहा।
Tempsens Instruments IPO 20 अगस्त को खुला था और रिटेल निवेशकों के लिए आज आवेदन करने का आखिरी मौका है। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 285 रुपये से 300 रुपये तय किया है। एक लॉट में 50 शेयर हैं। इस हिसाब से ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम 15,000 रुपये लगाने होंगे। IPO के लिए एंकर निवेशकों से कंपनी ने 19 अगस्त को 194.55 करोड़ रुपये जुटाए थे।
कंपनी इस आईपीओ के जरिए कुल 650 करोड़ रुपये (Tempsens Instruments IPO) जुटाने की योजना लेकर आई है। इसमें करीब 18.13 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी CAPEX के लिए किया जाएगा। वहीं, 55 करोड़ रुपये मौजूदा कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाले हैं।
आईपीओ में 50% हिस्सा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है। NII निवेशकों के लिए 15% और रिटेल निवेशकों के लिए 35% हिस्सा रखा गया है। कंपनी ने आईपीओ की प्रक्रिया के लिए KFin Technologies को रजिस्ट्रार और ICICI Securities को लीड मैनेजर नियुक्त किया है। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP में बदलाव हो सकता है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस अलग हो सकता है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।