(Vedanta demerger/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Vedanta demerger: वेदांता लिमिटेड का बहुप्रतीक्षित डिमर्जर अब लागू हो गया है। अनिल अग्रवाल की इस कंपनी को पांच अलग-अलग कारोबार इकाइयों में बांट दिया गया है। इनमें एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर, आयरन एंड स्टील और मुख्य वेदांता इकाई शामिल हैं। इस बदलाव के बाद निवेशक अब कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और वैल्यूएशन पर नजर बनाए हुए हैं।
डिमर्जर से पहले 30 अप्रैल को वेदांता का शेयर एक्स-डिमर्जर हो गया था। जबकि रिकॉर्ड डेट 1 मई 2026 तय की गई थी। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर थे। उन्हें अब नई बनी कंपनियों के शेयर मिलेंगे। इस प्रक्रिया के बाद निवेशकों का फोकस अब स्ट्रक्चर से हटकर कंपनियों के प्रदर्शन और वैल्यू पर आ गया है।
Motilal Oswal Financial Services ने वेदांता पर ‘Neutral’ रेटिंग दी है और 800 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा स्तर से केवल सीमित बढ़त की संभावना है। कंपनी का वैल्यूएशन FY28 के अनुमान पर लगभग 6.6 गुना EV/EBITDA पर है और इसका फेयर वैल्यू करीब 800 रुपये प्रति शेयर माना गया है।
कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे मजबूत रहे हैं। Q4FY26 में रेवेन्यू लगभग 52,800 करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 31% बढ़ा। EBITDA करीब 18,400 करोड़ रुपये रहा। जिसमें 61% की बढ़त दर्ज हुई। वहीं नेट प्रॉफिट 10,650 करोड़ रुपये तक पहुंच गया जो पिछले साल की तुलना में दोगुना से भी अधिक है।
कंपनी आने वाले समय में ग्रोथ और कर्ज कम करने पर ध्यान दे रही है। बेहतर प्रोडक्शन, नई क्षमता और मजबूत प्राइसिंग से कमाई बढ़ने की उम्मीद है। मार्च 2026 तक कंपनी का नेट कर्ज लगभग 53,200 करोड़ रुपये था। जबकि नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 0.95 गुना रहा। कैश फ्लो बढ़ने से डिवेलपमेंट और डेब्ट रिडक्शन दोनों को मदद मिलेगी।
डिमर्जर के बाद अब कंपनी पांच अलग-अलग लिस्टेड इकाइयों के रूप में काम करेगी। एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस,पावर और आयरन एंड स्टील अलग कंपनियां बन चुकी हैं। मौजूदा वेदांता इकाई में अब मुख्य रूप से जिंक और अन्य बिजनेस शामिल रहेंगे। इस नए ढांचे से हर सेक्टर पर अलग फोकस और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।